इराक के इरबिल प्रांत में 24 मार्च 2026 को कुर्दिश पेशमेरगा बलों के एक बेस पर हमला हुआ है। इस हमले में कम से कम 5 जवानों की जान चली गई और 19 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की वजह से इराक में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां क्या हैं?

यह हमला इरबिल के सोरान प्रशासन क्षेत्र में स्थित पेशमेरगा बेस पर हुआ है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, एक घंटे के भीतर दो बार रॉकेट दागे गए जिसने 7वीं डिवीजन के मुख्यालय को निशाना बनाया। इस हमले में मरने वालों की संख्या 5 से 6 के बीच बताई जा रही है, जबकि घायलों की संख्या 30 तक हो सकती है। कुर्दिश पेशमेरगा मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक शत्रुतापूर्ण कृत्य और विश्वासघात करार दिया है। मंत्रालय ने इराक की संघीय सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन उल्लंघनों पर तुरंत ध्यान देने की अपील की है।

इराक में हिंसा बढ़ने के पीछे क्या कारण हैं?

इराक में पिछले कुछ हफ्तों से सुरक्षा स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। इस घटनाक्रम से जुड़े कुछ मुख्य तथ्य नीचे दिए गए हैं:

  • तनाव की शुरुआत: 28 फरवरी 2026 से ईरान के खिलाफ शुरू हुए सैन्य अभियान के बाद से पूरे इराक में हिंसा बढ़ी है।
  • हवाई हमले: 23 मार्च 2026 को भी उत्तरी इराक के इरबिल में ईरानी विपक्षी समूहों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
  • हमलों की संख्या: स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र में अब तक प्रो-ईरान समूहों द्वारा 300 से अधिक ड्रोन और रॉकेट हमले किए जा चुके हैं।
  • पीएमएफ पर हमला: 24 मार्च को ही अनबार प्रांत में एक अलग हमले में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) के 15 लड़ाके मारे गए, जिसका आरोप अमेरिका पर लगाया गया है।
  • सरकारी दखल की मांग: पेशमेरगा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी से उन सशस्त्र समूहों पर नियंत्रण करने की मांग की है जिन्हें बगदाद से धन और हथियार मिलते हैं।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेशमेरगा बलों के पास किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने का पूरा अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह के आतंकवादी हमलों को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.