सऊदी अरब और UAE में हुए ड्रोन हमलों के बाद अब इराक सरकार एक्शन में आई है। इराक के प्रधानमंत्री ने इस मामले की गहराई से जांच करने के लिए खास मिलिट्री कमेटी बनाने का आदेश दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब UAE ने दावा किया कि हमले इराक की ज़मीन से किए गए थे।
UAE और Saudi पर ड्रोन हमले का पूरा मामला क्या है?
17 मई 2026 को सऊदी अरब ने इराक की तरफ से आने वाले 3 ड्रोन को हवा में ही रोक दिया था। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने इस हमले का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है। वहीं UAE के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उनके बराका (Barakah) न्यूक्लियर पावर प्लांट को निशाना बनाने के लिए भी 3 ड्रोन भेजे गए थे। UAE सरकार ने साफ तौर पर कहा कि ये ड्रोन इराक के इलाके से आए थे।
इराक सरकार ने अब क्या कदम उठाए हैं?
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने 20 मई 2026 को मिलिट्री कमेटियों को बनाने का निर्देश दिया। इराक के सरकारी प्रवक्ता बासिम अल-अवाड़ी ने मंगलवार को इस फैसले की जानकारी दी। ये कमेटियां खाड़ी देशों के साथ तालमेल बिठाएंगी और जानकारी की पुष्टि करेंगी। इराक ने यह भी साफ किया है कि वह अपनी ज़मीन, हवाई क्षेत्र या समुद्र का इस्तेमाल किसी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने देगा और अगर ऐसा साबित होता है तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस हमले पर GCC और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया है?
- GCC का स्टैंड: GCC के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदईवी ने सऊदी अरब पर हुए हमले की निंदा की और कहा कि सऊदी की सुरक्षा पूरे GCC देशों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है।
- UAE की मांग: UAE ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) से अपील की है कि वह बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए हमले की कड़ी निंदा करे।
- संदिग्ध समूह: रिपोर्ट्स के मुताबिक फरवरी के अंत से ही ईरान से जुड़े इराकी सशस्त्र गुटों पर खाड़ी देशों पर हमले करने का आरोप लग रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE के किस प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ था
UAE के बराका (Barakah) न्यूक्लियर पावर प्लांट को 17 मई 2026 को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया था।
इराक सरकार ने जांच के लिए क्या आदेश दिए हैं
प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने मिलिट्री कमेटियां बनाने का आदेश दिया है जो खाड़ी देशों के साथ मिलकर ड्रोन हमलों की जांच करेंगी।
