सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हुए हालिया ड्रोन हमलों को लेकर इराक सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के निर्देश पर एक खास जांच कमेटी बनाई गई है, जो पूरे अधिकार के साथ इस मामले की जांच कर रही है। इराक की सेना ने साफ कर दिया है कि इस जांच कमेटी को पूरी छूट दी गई है ताकि हमलों के पीछे के लोगों का पता लगाया जा सके और सच सामने आ सके।

इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने क्या निर्देश दिए हैं?

इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने सऊदी अरब और यूएई पर हुए हमलों को आपराधिक कृत्य करार दिया है। उन्होंने 20 मई 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मंत्रिस्तरीय परिषद की बैठक बुलाई थी, जिसमें इस विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया था। प्रधानमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उन सभी पक्षों की पहचान करें जो इस हमले में शामिल थे। इराक ने साफ किया है कि उसकी ज़मीन और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने दिया जाएगा।

सऊदी अरब और UAE के साथ मिलकर होगी संयुक्त जांच

इराक सरकार अब सऊदी अरब और यूएई के अधिकारियों के साथ मिलकर एक संयुक्त जांच करने पर जोर दे रही है। इसका मकसद सभी सबूतों की बारीकी से समीक्षा करना है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वाकई इराकी क्षेत्र का इस्तेमाल इन हमलों को अंजाम देने के लिए किया गया था। इससे पहले यूएई के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि उन्होंने 48 घंटों के भीतर छह ड्रोन इंटरसेप्ट किए थे, जिनके इराक से आने की आशंका थी। इनमें से एक हमला बराक परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाकर किया गया था। वहीं सऊदी अरब ने भी इराक की तरफ से आने वाले ड्रोन को हवा में मार गिराया था।

दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया है कि जो कोई भी इस साजिश में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी और सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस जांच के जरिए इराक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना चाहता है ताकि तनाव और न बढ़े। इस मामले में इराक में सक्रिय कुछ ईरान समर्थित गुटों की भूमिका पर भी नजर रखी जा रही है, जो क्षेत्रीय विवादों के बीच पड़ोसी देशों पर हमलों में शामिल रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब और यूएई पर हुए ड्रोन हमलों को लेकर इराक ने क्या फैसला किया है?

इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के निर्देश पर एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो इस हमले की सच्चाई का पता लगाने के लिए सऊदी अरब और यूएई के साथ मिलकर संयुक्त जांच करेगी।

क्या हमलों में इराकी ज़मीन का इस्तेमाल किया गया था?

यूएई और सऊदी अरब की शुरुआती जांच में कहा गया था कि ड्रोन इराकी क्षेत्र से आए थे। इराक सरकार अब इसकी पूरी गंभीरता से जांच कर रही है ताकि सच का पता लगाया जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com