ईरान के South Pars गैस फील्ड पर हुए हमलों के बाद इराक को होने वाली गैस सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। बुधवार, 18 मार्च 2026 को हुए इन हमलों के कारण गैस ट्रीटमेंट फैसिलिटी को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बदलाव से इराक में बिजली उत्पादन पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि इराक अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा ईरान से पूरा करता है।

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गैस सप्लाई रुकने से इराक पर क्या असर होगा?

इराक के बिजली मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरान से आने वाली गैस की सप्लाई अब शून्य हो गई है। पहले भी जब सप्लाई रुकी थी, तब नेशनल ग्रिड से 4,000 से 5,500 मेगावाट बिजली कम हो गई थी। इराक अपनी कुल ऊर्जा जरूरतों का लगभग 30-40 प्रतिशत हिस्सा ईरानी गैस से ही पूरा करता है। फिलहाल इराक सरकार बिजली की कमी को रोकने के लिए घरेलू ईंधन के विकल्पों पर काम कर रही है। आम लोगों के लिए आने वाले दिनों में बिजली की भारी किल्लत होने की संभावना है।

साउथ पार्स गैस फील्ड और हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी

प्रमुख जानकारी विवरण
प्रभावित क्षेत्र Assaluyeh, दक्षिणी ईरान (South Pars Field)
हमले की तारीख 18 मार्च 2026
आरोपी पक्ष इजरायल और अमेरिका (ईरानी मीडिया के अनुसार)
नुकसान फेज 3, 4, 5 और 6 की फैसिलिटी ऑफलाइन
वैश्विक असर गैस और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ईरानी मीडिया और सरकारी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि Assaluyeh में गैस ट्रीटमेंट प्लांट को निशाना बनाया गया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। ईरान के Revolutionary Guards ने इसके जवाब में खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई की पेट्रोकेमिकल फैसिलिटी को खाली करने की चेतावनी दी है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इस खबर के बाद डच TTF गैस बेंचमार्क में 5 प्रतिशत का उछाल देखा गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.