इराक में तैनात अमेरिकी सेना के ठिकानों पर हमलों की खबर आ रही है। इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक (Islamic Resistance in Iraq) ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पिछले 24 घंटों के भीतर इराक और आसपास के क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर 23 सैन्य ऑपरेशन किए हैं। अल जजीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी 31 मार्च 2026 को सामने आई है। इस दावे के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

हमलों का ब्यौरा और मार्च महीने की स्थिति

इराक में सक्रिय इन सशस्त्र गुटों ने मार्च के महीने में कई बार इस तरह के हमले किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले 1 मार्च, 6 मार्च और 25-26 मार्च को भी 23-23 ऑपरेशनों के दावे किए गए थे। इराक के एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने बताया है कि ये गुट अब रोजाना 21 से 31 के बीच हमले कर रहे हैं।

  • 28 फरवरी 2026 के बाद से अब तक कुल 454 से ज्यादा हमले किए जा चुके हैं।
  • अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का आरोप है कि ये हमले सिर्फ सैन्य ठिकानों पर नहीं बल्कि नागरिक इलाकों पर भी हुए हैं।
  • सशस्त्र गुटों ने इन हमलों के लिए इराक और आसपास के पूरे क्षेत्र को निशाना बनाया है।
  • इराकी सरकार ने इन गुटों को जवाबी कार्रवाई के लिए कुछ अधिकार भी दिए हैं जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सरकारों का फैसला

इन हमलों को लेकर अमेरिका और खाड़ी देशों ने सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इराक के प्रधानमंत्री से बात कर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। वहीं इराक सरकार का कहना है कि वह अपनी जमीन पर मौजूद सभी विदेशी मिशनों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

देश/संस्था मुख्य रुख और बयान
खाड़ी देश (सऊदी, UAE, कतर आदि) सीमा पार हमलों की निंदा की और सुरक्षा परिषद के नियमों का हवाला दिया।
इराक सरकार सुरक्षा के लिए नया संयुक्त आयोग बनाया गया और शांति की अपील की।
अमेरिका (CENTCOM) दावा किया कि हमलों में 14 नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा है।
इराकी विदेश मंत्रालय स्पष्ट किया कि अमेरिका तब तक हमला नहीं करेगा जब तक उकसाया न जाए।

क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन ने साझा बयान जारी किया है। इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए मांग की है कि इन हमलों को तुरंत रोका जाए ताकि खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान न पहुंचे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.