इराक में सक्रिय सशस्त्र गुटों ने पिछले 24 घंटों के भीतर अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमलों का दावा किया है। इस्लामिक रेसिस्टेंस इन इराक (IRI) के मुताबिक उन्होंने इराक और आसपास के क्षेत्रों में स्थित अमेरिकी बेस पर 21 से अधिक हमले किए हैं। इन ऑपरेशनों में दर्जनों ड्रोन और रॉकेटों का इस्तेमाल किया गया है जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी नाजुक हो गई है।

इन ठिकानों को बनाया गया मुख्य निशाना

इस्लामिक रेसिस्टेंस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित विक्ट्री बेस (Victory Base) पर कई ड्रोन हमले किए गए। इसके अलावा बसरा में कुवैत सीमा के पास स्थित उम्म कासर (Umm Qasr) नेवल बेस पर भी एक ड्रोन क्रैश हुआ जिससे वहां पानी के ट्रीटमेंट स्टेशन में आग लग गई।

  • बगदाद एयरपोर्ट के सैन्य परिसर में कम से कम चार ड्रोन दागे गए।
  • धमाकों की आवाज पूरे इलाके में सुनी गई।
  • ईरान समर्थित असैब अहल अल-हक जैसे गुटों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है।
  • पेंटागन ने अभी तक इस मामले में हताहतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

हमलों का डेटा और बढ़ती सैन्य गतिविधियां

28 फरवरी 2026 से क्षेत्र में तनाव चरम पर है। तब से अब तक अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। IRI का कहना है कि ये हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियानों का बदला हैं। नीचे दी गई तालिका में हाल के हमलों का विवरण दिया गया है।

तारीख (मार्च 2026) दावा किए गए हमले हथियारों का प्रकार
17 मार्च 21 हमले ड्रोन और मिसाइल
20-21 मार्च 27 हमले ड्रोन और रॉकेट
कुल (फरवरी 28 से) लगभग 300 हमले ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट

इराकी गुटों का कहना है कि जब तक क्षेत्र में विदेशी सेना की गतिविधियां कम नहीं होतीं, वे अपने ऑपरेशनों को जारी रखेंगे। इन हमलों की वजह से पूरे मिडल ईस्ट में अमेरिकी सेना हाई अलर्ट पर है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.