इराक के नजफ रेगिस्तान में इसराइल के गुप्त सैन्य बेस को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के बाद इराक की सेना और ईरान समर्थित मिलिशिया ने इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इस पूरे मामले में अमेरिका पर भी गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने इसराइल की इस गुप्त कार्रवाई में मदद की।

मार्च में क्या हुआ था और क्यों मचा है बवाल

खबरों के मुताबिक, फरवरी 2026 के आखिर में इसराइल ने इराक के पश्चिमी रेगिस्तान में एक गुप्त सैन्य अड्डा बनाया था ताकि वहां से ईरान पर हमले किए जा सकें। 4 या 5 मार्च को जब इराकी सैनिक वहां संदिग्ध हेलीकॉप्टरों की जांच कर रहे थे, तो उन पर हवाई हमला हुआ। इस हमले में एक सैनिक की जान चली गई और दो अन्य घायल हो गए। उस समय इराक ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत की थी और शुरू में इस हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था।

इराकी सरकार और सेना का क्या कहना है

इराकी सशस्त्र बलों ने हाल ही में इस बात से इनकार किया है कि फिलहाल उनके इलाके में कोई इसराइली बेस मौजूद है। जॉइंट ऑपरेशंस कमांड ने करबला और नजफ के रेगिस्तानी इलाकों में जांच के बाद कहा कि वहां कोई अनधिकृत बेस या सेना नहीं मिली। हालांकि, करबला के एक ऑपरेशन कमांडर ने अल जजीरा को बताया कि मार्च के महीने में इसराइली सैनिकों का एक समूह नजफ रेगिस्तान में देखा गया था, लेकिन वे वहां 48 घंटे से ज्यादा नहीं रुके।

अमेरिका की भूमिका और PMF का एक्शन

  • PMF का बड़ा अभियान: रिपोर्ट आने के बाद पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) और इराकी सेना ने नजफ रेगिस्तान में अपनी संप्रभुता बनाए रखने के लिए एक बड़े स्तर का ऑपरेशन चलाया।
  • अमेरिका पर आरोप: इराकी सांसद राेड अल-मालिकी ने सीधा आरोप लगाया है कि अमेरिका ने इराक का एयरस्पेस इसराइल को सौंप दिया और इराकी रडार सिस्टम को बंद करने का आदेश दिया।
  • राजनीतिक प्रतिक्रिया: पूर्व प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-काधिमी ने इस घटना को इराक की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया है और पूरी पारदर्शिता की मांग की है।
  • इसराइल का रुख: इसराइल ने अभी तक वॉल स्ट्रीट जर्नल की इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अभी इराक में इसराइली सैन्य बेस मौजूद है

इराकी सेना और जॉइंट ऑपरेशंस कमांड ने आधिकारिक तौर पर इनकार किया है कि फिलहाल वहां कोई अनधिकृत बेस मौजूद है, हालांकि मार्च में सैनिकों की मौजूदगी की बात सामने आई थी।

अमेरिका पर इस मामले में क्या आरोप लगे हैं

इराकी अधिकारियों और सांसदों का आरोप है कि अमेरिका ने इसराइल को कवर दिया और इराकी रडार सिस्टम बंद करवाकर इस गुप्त बेस को बनाने में मदद की।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com