इराक के रेगिस्तान में इसराइल के एक गुप्त सैन्य ठिकाने को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि एक चरवाहे ने वहां कुछ संदिग्ध हरकतें देखीं, जिसके बाद यह पूरा मामला दुनिया के सामने आया। इस खबर ने इराक की सरकार और वहां की संसद में हड़कंप मचा दिया है और अब इसकी जांच की तैयारी चल रही है।

एक चरवाहे ने कैसे पकड़ा इसराइल का राज

अमेरिकी अखबार Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ने ईरान के खिलाफ अपनी हवाई कार्रवाई को मजबूत करने के लिए इराक के नजफ रेगिस्तान में एक खुफिया बेस बनाया था। यह बेस सद्दाम हुसैन के समय के एक पुराने और खाली पड़े सैन्य ठिकाने पर बनाया गया था। इसकी भनक तब लगी जब एक स्थानीय चरवाहे ने वहां अजीब गतिविधियां और Chinook हेलीकॉप्टर उड़ते हुए देखे। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बेस का इस्तेमाल रडार, जैमिंग सिस्टम और विशेष बलों के रुकने के लिए किया जा रहा था।

इराकी सेना पर हमला और टकराव की कहानी

जब चरवाहे की सूचना मिली, तो 5 मार्च 2026 को इराक की सेना ने इलाके की जांच करने के लिए अपनी टीम भेजी। लेकिन वहां पहुंचते ही इराकी सैनिकों पर भीषण हवाई हमला हुआ। इस हमले में एक इराकी सैनिक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। साथ ही, सेना की दो Hummer गाड़ियां भी तबाह हो गईं। इराक ने इस हमले की शिकायत संयुक्त राष्ट्र (UN) में की थी और शुरुआत में इसका आरोप अमेरिका पर लगाया था, हालांकि अमेरिका ने इस बात से साफ इनकार कर दिया।

इराकी अधिकारियों और सरकार का क्या कहना है

इस पूरे मामले पर इराक में अलग-अलग बातें कही जा रही हैं। 10 मई 2026 को एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया। वहीं, प्रधानमंत्री के सलाहकार हुसैन अलावी ने कहा कि वहां कोई बेस नहीं था, बल्कि यह केवल आसमान से गिरी किसी चीज को उठाने के लिए किया गया एक एयर-ड्रॉप ऑपरेशन था। सुरक्षा सेल के प्रमुख سعد मआन ने 5 मार्च की मुठभेड़ की बात तो मानी, लेकिन कहा कि बाद में की गई तलाशी में वहां कोई विदेशी सामान या सेना नहीं मिली। अब इराक की संसद की सुरक्षा समिति ने इस मामले की जांच के लिए रक्षा और गृह मंत्रियों को तलब किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इराक़ में इसराइल का गुप्त बेस क्यों बनाया गया था

रिपोर्ट्स के अनुसार, इसराइल ने ईरान के खिलाफ अपने हवाई ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने और लॉजिस्टिक मदद के लिए नजफ रेगिस्तान में यह बेस बनाया था।

इराकी सरकार ने इस खबर पर क्या प्रतिक्रिया दी है

कुछ अधिकारियों ने इस रिपोर्ट को फर्जी बताया है, जबकि संसद की सुरक्षा समिति अब इस विदेशी सैन्य गतिविधि की जांच के लिए मंत्रियों से सवाल पूछेगी।