इराक के Kirkuk इलाके में 10 मार्च 2026 को ईरान समर्थित मिलिशिया बेस पर एक बड़ा एयरस्ट्राइक हुआ है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार यह हमला अमेरिका और इजरायल के उस साझा ऑपरेशन का हिस्सा है जो 28 फरवरी 2026 से चल रहा है। इस हमले का मुख्य निशाना ईरान समर्थित शिया मिलिशिया ग्रुप थे जो पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के आधिकारिक कवर के तहत काम करते हैं।

आखिर क्यों हुआ यह एयरस्ट्राइक?

28 फरवरी 2026 से ही ईरान समर्थित मिलिशिया ने इराक और कुर्दिस्तान में अमेरिकी ठिकानों पर 40 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इसके अलावा 7 मार्च 2026 को बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी रॉकेट से हमला किया गया था। इन्ही लगातार हो रहे हमलों के जवाब में यह एयरस्ट्राइक किया गया है। इन मिलिशिया ग्रुप्स में Kataib Hezbollah, Kataib Sayyid al-Shuhada और Asaib Ahl al-Haq जैसे नाम मुख्य रूप से शामिल हैं।

मिलिशिया ग्रुप्स और उनकी फंडिंग का क्या है सच?

इन मिलिशिया ग्रुप्स को इराक सरकार से हर साल लगभग 3.5 अरब डॉलर का बजट मिलता है। इसके साथ ही तेल की तस्करी से भी ये हर साल 1 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई करते हैं। अमेरिका ने PMF के 6 सहयोगी मिलिशिया को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। मुहांडिस जनरल कंपनी जैसी संस्थाओं के जरिए सरकारी फंड को इन गुटों तक पहुंचाया जाता है जिससे इन्हें राजनीतिक और आर्थिक सुरक्षा मिलती है।

Aanya

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