इराक के बसरा शहर में कुवैत के जनरल काउंसलेट पर हमला हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की सीमा में घुसकर तोड़फोड़ की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। ब्रिटेन, अमेरिका और कई खाड़ी देशों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे राजनयिक नियमों का बड़ा उल्लंघन बताया है।

हमला क्यों हुआ और क्या हुआ?

यह घटना 7 अप्रैल 2026 को हुई। बसरा के अल जुबैर इलाके में एक रॉकेट हमला हुआ था जिसमें तीन नागरिकों की जान चली गई। इराक का दावा था कि यह रॉकेट पड़ोसी देश से दागा गया था। इसी बात से नाराज होकर प्रदर्शनकारियों ने कुवैत के दूतावास पर हमला बोल दिया और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी।

विभिन्न देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही?

इस हमले के बाद दुनिया भर के कई बड़े देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। ज़्यादातर देशों ने इसे गलत बताया है और इराक सरकार से जवाब मांगा है।

देश/संस्था कथन या कार्रवाई
कुवैत इसे नियमों का उल्लंघन बताया और इराक सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया।
इराक हमले की निंदा की और जांच के लिए एक विशेष कमेटी बनाई।
अमेरिका ईरान समर्थित आतंकी समूहों को जिम्मेदार ठहराया और उन्हें खत्म करने को कहा।
ब्रिटेन कहा कि राजनयिक मिशनों पर हमला करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
सऊदी, UAE और कतर हमले की निंदा की और कुवैत के साथ अपनी एकजुटता जताई।
कुर्दिस्तान क्षेत्र (KRG) इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से यह कितना गंभीर है?

दूतावास पर हमला करना 1961 और 1963 के वियना कन्वेंशन के नियमों का उल्लंघन है। इन अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, जिस देश में दूतावास स्थित होता है, उस देश की यह जिम्मेदारी होती है कि वह दूतावास की इमारत और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा करे। इस हमले को राजनयिक मर्यादाओं की बड़ी अनदेखी माना जा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.