इराक के बसरा प्रांत में स्थित Majnoon तेल क्षेत्र पर 16 मार्च 2026 को ड्रोन से हमला किया गया है। इस घटना के बाद तेल क्षेत्र में उत्पादन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।

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ड्रोन हमले में क्या हुआ नुकसान

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस तेल क्षेत्र के पूर्वी हिस्से को दो ड्रोन से निशाना बनाया गया। इनमें से एक ड्रोन ने संचार टावर (communications tower) पर हमला किया। वहीं, दूसरा ड्रोन वहां काम कर रही एक अमेरिकन कंपनी के ऑफिस पर गिरा।

तेल मंत्रालय के प्रवक्ता साहेब बाजौत ने इस हमले की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ता तनाव देखकर ज्यादातर विदेशी कर्मचारियों को पहले ही बाहर निकाल लिया गया था। घटना के समय वहां मुख्य रूप से इराकी कर्मचारी ही मौजूद थे, जिससे किसी की जान को नुकसान नहीं पहुंचा।

तेल उत्पादन पर पड़ा सीधा असर

इस घटना के बाद इराक के तेल मंत्री हयान अब्दुल गनी ने Majnoon फील्ड में उत्पादन रोकने की घोषणा की। इस तेल क्षेत्र की क्षमता लगभग 2,40,000 बैरल प्रतिदिन है। गल्फ के रास्ते दक्षिणी निर्यात बंद होने के कारण स्टोरेज की समस्या पैदा हो गई है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है।

उत्पादन रुकने से इराक के कुल कच्चे तेल का उत्पादन काफी गिर गया है। संघर्ष से पहले यह 40 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा था, जो अब घटकर 1.4 से 1.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन के बीच आ गया है। इसके अलावा West Qurna-1 और West Qurna-2 जैसे अन्य फील्ड में भी काम रुका हुआ है।

सरकार के आगे के कदम

तेल मंत्रालय अब घरेलू रिफाइनरी और पावर प्लांट की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान दे रहा है। निर्यात के लिए नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। इसके लिए तुर्की तक जाने वाली Kirkuk-Ceyhan पाइपलाइन को ठीक करने का काम चल रहा है, जिसकी टेस्टिंग एक हफ्ते में शुरू होने की उम्मीद है।

इसके साथ ही 100 किलोमीटर लंबी एक और पाइपलाइन की हाइड्रोस्टेटिक टेस्टिंग चल रही है। इसका मकसद दक्षिणी बंदरगाहों पर निर्भरता को कम करना और सुरक्षित तरीके से निर्यात को बढ़ावा देना है।