इराक के मोसुल शहर के रशीदिया इलाके और निनेवे प्रांत में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के ठिकानों पर हवाई हमले की खबर आई है। 29 मार्च 2026 की सुबह हुए इन हमलों के बाद आसमान में धुएं के गहरे गुबार देखे गए। इराक के सुरक्षा बलों और PMF ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार बताया है। यह तनाव पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

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इन हमलों में अब तक क्या-क्या नुकसान हुआ है?

हालिया हमलों में जान-माल के नुकसान की अलग-अलग खबरें मिली हैं। 28 और 29 मार्च को हुए इन हमलों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

तारीख प्रभावित इलाका नुकसान का विवरण
29 मार्च 2026 रशीदिया, मोसुल संपत्ति का नुकसान, कोई मौत नहीं
28 मार्च 2026 मोसुल पुलिस चेकपोस्ट 2 पुलिस अधिकारियों की मौत, 5 घायल
28 मार्च 2026 किरकुक 3 PMF लड़ाकों की मौत, 4 घायल
29 मार्च 2026 तुज खुर्मातु, सलाहुद्दीन PMF मुख्यालय को निशाना बनाया गया

इराक सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया आई है?

इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुदानी ने इस मामले पर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है। सरकार ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन माना है और आत्मरक्षा के अधिकार के तहत जवाब देने की बात कही है। PMF के आधिकारिक बयानों में इन हमलों को अमेरिका-इजराइल की साजिश बताया गया है। दूसरी ओर, वॉशिंगटन ने इराक के सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की बात से पूरी तरह इनकार किया है।

  • PMF ने कहा है कि वह इराक की सीमाओं और सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
  • इराकी गृह मंत्रालय ने पुलिस चेकपोस्ट पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
  • 29 मार्च को ही इराक और अमेरिका के बीच आतंकवाद रोकने और सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी।
  • इराकी अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि सुरक्षा बल किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार रहें।
  • क्षेत्र में चल रहे व्यापक संघर्ष के कारण इराक में अब तक 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं।