मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इराक ने तेल निर्यात को लेकर एक बड़ा दावा किया है। इराक के उप तेल मंत्री बासिम मोहम्मद ने कहा कि जैसे ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य का संकट खत्म होगा, इराक सिर्फ सात दिनों में अपना तेल उत्पादन और निर्यात सामान्य कर लेगा। फिलहाल अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की वजह से इस इलाके में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद है।

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होर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या है ताजा स्थिति?

होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिलहाल एक बड़ा विवाद का केंद्र बना हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ जहाजों की आवाजाही 90 प्रतिशत तक कम हो गई है। पहले जहाँ रोजाना 130 जहाज गुजरते थे, अब उनकी संख्या घटकर 10 से भी कम रह गई है। इस वजह से करीब 850 से 870 बड़े व्यापारी जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा कि अगर यह रास्ता जल्द नहीं खुला तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा और दुनिया मंदी की चपेट में आ सकती है।

इराक के तेल उत्पादन और निर्यात का क्या हाल है?

इराक के उप तेल मंत्री बासिम मोहम्मद ने बताया कि वर्तमान में इराक का तेल उत्पादन 15 लाख बैरल प्रतिदिन है। इनमें से करीब 2 लाख से 2.5 लाख बैरल तेल तुर्किये के जेहान पोर्ट के जरिए बाहर भेजा जा रहा है। इराक ने दो टैंकर पूरी तरह तैयार रखे हैं और सुरक्षा हालात सुधरते ही दो और टैंकर भेजे जाएंगे। युद्ध से पहले इराक का निर्यात 34 लाख बैरल प्रतिदिन था, जिससे पता चलता है कि वर्तमान संकट ने इराक की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान पहुँचाया है।

भारत पर क्या होगा असर और क्या है अपडेट?

भारत सरकार ने इस स्थिति पर अपडेट देते हुए बताया है कि फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि भारत की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और देश की जरूरत के लिए कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने से क्या असर पड़ा है?

जहाजों की आवाजाही 90 प्रतिशत तक गिर गई है और करीब 870 व्यापारी जहाज फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट मंडरा रहा है।

इराक ने तेल निर्यात के लिए क्या तैयारी की है?

इराक ने दो टैंकर तैयार रखे हैं और दावा किया है कि संकट खत्म होने के एक हफ्ते के भीतर उत्पादन और निर्यात को सामान्य स्तर पर ले आएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.