इराक की संसद के स्पीकर ने 29 जुलाई 2026 को यह साफ कर दिया है कि देश का संविधान किसी भी बाहरी हमले के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और इराक के अंदर ईरान समर्थित मिलिशिया पर अमेरिका और सऊदी अरब ने हवाई हमले किए हैं।

इराक का रुख और सरकारी जांच

इराक की सरकार और राष्ट्रपति ने इन हवाई हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi ने उन दावों की जांच के आदेश दिए हैं जिनमें कहा गया था कि इराक की जमीन से सऊदी अरब पर ड्रोन छोड़े गए। संसद के डिप्टी स्पीकर Adnan Faihan ने सरकार से मांग की है कि इस मामले को UN Security Council के सामने उठाया जाए।

क्षेत्रीय तनाव और हमले

यह तनाव तब शुरू हुआ जब इराक से सऊदी अरब की तेल सुविधाओं और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। इसके जवाब में अमेरिका और सऊदी अरब ने संयुक्त रूप से इराक में ईरान समर्थित गुटों पर एयरस्ट्राइक की। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को गलत बताया है। उसी दिन जॉर्डन ने भी ईरान द्वारा अमेरिकी बलों पर छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.