Iraq का बड़ा ऐलान: हमारी ज़मीन का इस्तेमाल Saudi Arabia पर हमले के लिए नहीं होगा, सुरक्षा अलर्ट जारी

इराक के प्रधानमंत्री Ali Falih Al-Zaidi ने Saudi Arabia के इंटेलिजेंस चीफ के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान स्पष्ट किया है कि इराक अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ होने नहीं देगा। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। इराक ने साफ कहा है कि वह किसी भी ऐसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा जो क्षेत्र की स्थिरता को नुकसान पहुँचाए।
सख्त कानून और सरकार की नई चेतावनी
इराक की State Administration Coalition ने अब एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने यह तय किया है कि इराक की जमीन का इस्तेमाल किसी भी दूसरे देश पर हमले के लिए करने को अपराध माना जाएगा। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा माना जा रहा है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि 30 सितंबर 2026 के बाद यदि कोई भी सशस्त्र समूह राज्य के नियंत्रण के बाहर गतिविधि करता पाया गया, तो उस पर इराक के Anti-Terrorism Law के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने इस समय सीमा का जिक्र पहले वाशिंगटन की यात्रा के दौरान भी किया था।
सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया
क्षेत्र में तनाव के चलते इराक ने अपने सुरक्षा बलों को 7 अगस्त 2026 को सबसे ऊंचे स्तर के अलर्ट पर रखा है। यह कदम तब उठाया गया जब इंटेलिजेंस को ऐसी सूचनाएं मिलीं कि कुछ हथियारबंद गुट सऊदी अरब को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, इराक सरकार के प्रवक्ता Haider al-Aboudi ने सऊदी अरब के उन दावों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि ईरान समर्थित समूहों ने इराक से सऊदी तेल ठिकानों पर हमला किया है। प्रवक्ता के अनुसार, जांच समितियों को अब तक ऐसे किसी दावे का सबूत नहीं मिला है।
सशस्त्र गुटों का क्या कहना है
इस बीच, ईरान समर्थित Badr Organization के नेता Hadi al-Amiri ने भी एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने ईरान से जुड़े सभी इस्लामिक रेजिस्टेंस समूहों से यह अपील की है कि वे फिलहाल सऊदी अरब और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में कोई भी जवाबी कार्रवाई न करें। उन्होंने इसे इराक के व्यापक हितों के लिए जरूरी बताया है। सऊदी अधिकारियों ने पहले यह चेतावनी दी थी कि ईरान का IRGC इराक में मौजूद ईरान समर्थित गुटों और यमन के हूती विद्रोहियों के जरिए एक साथ हमले की योजना बना रहा है। इराक अब इन सभी दबावों के बीच अपनी स्थिति साफ करने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।