Gulf देशों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर आई है। इराक के प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi ने सऊदी अरब और UAE के साथ मिलकर ड्रोन हमलों की जांच करने का फैसला किया है। यह कदम 18 मई को हुए हमलों के बाद उठाया गया है ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके। इराक सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी हमले के लिए नहीं होने देगी।

सऊदी और UAE में क्या हुआ और इराक क्यों कर रहा है जांच?

बीते 18 मई 2026 को अबू धाबी के Barakah Nuclear Power Plant पर ड्रोन से हमला किया गया था। इसी दौरान सऊदी अरब की सीमा में भी तीन ड्रोन घुसे थे जिन्हें वक्त रहते रोक लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी ड्रोन इराक के हवाई क्षेत्र से आए थे। इसी वजह से इराक के प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi ने अब एक Elite Investigative Committee बनाई है जो सभी सबूतों की जांच करेगी।

इराक सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?

  • PM Ali al-Zaidi ने सुरक्षा परिषद की बैठक में इस हमले की कड़ी निंदा की।
  • सऊदी और UAE के अधिकारियों से संपर्क करने के लिए एक Special Committee का गठन किया गया।
  • इराक की खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों को दूसरे देशों के साथ तालमेल बिठाने के निर्देश दिए गए।
  • सरकार ने साफ किया कि वह अपने पड़ोसी और मित्र देशों के खिलाफ किसी भी तरह की साजिश को बर्दाश्त नहीं करेगी।

UAE और सऊदी अरब की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

UAE के विदेश मंत्रालय ने इराक से मांग की है कि वह अपनी जमीन से होने वाली सभी दुश्मन गतिविधियों को तुरंत और बिना किसी शर्त के रोके। वहीं, Saudi Defense Ministry ने पुष्टि की कि उन्होंने तीन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया था। इराक के प्रधानमंत्री का कहना है कि जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए कड़े सुझाव दिए जाएंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ड्रोन हमले कब और कहां हुए थे?

ये हमले 18 मई 2026 को हुए थे, जिसमें UAE के बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट को निशाना बनाया गया और सऊदी अरब की सीमा में तीन ड्रोन घुसाने की कोशिश की गई।

इराक सरकार ने जांच के लिए क्या व्यवस्था की है?

PM अली अल-ज़ैदी ने एक एलीट जांच समिति बनाई है और सऊदी व UAE के साथ संपर्क साधने के लिए एक स्पेशल कमेटी का गठन किया है।