इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 2 अप्रैल 2026 को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन लोगों को तुरंत गिरफ्तार करें जो सरकारी संस्थानों और विदेशी दूतावासों को निशाना बना रहे हैं। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब हाल के दिनों में विदेशी नागरिकों के अपहरण और दूतावासों पर हमलों की खबरें बढ़ी हैं। इराक सरकार का मानना है कि ये घटनाएं देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।

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इराक में विदेशी नागरिकों और दूतावासों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम

  • प्रधानमंत्री ने 2 अप्रैल 2026 को अपराधियों को पकड़ने का नया आदेश जारी किया है।
  • 31 मार्च 2026 को बगदाद से एक अमेरिकी पत्रकार शैली किटल्सन का अपहरण किया गया था।
  • बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने आने वाले 48 घंटों में बड़े हमलों की आशंका जताई है।
  • इराकी सुरक्षा बल अब बगदाद के रेड ज़ोन और अन्य महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा बढ़ाएंगे।
  • प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने इन हमलों को आतंकवादी कृत्य बताया है।

इराक के आतंकवाद विरोधी कानून के तहत सजा के प्रावधान

इराक के 2005 के आतंकवाद विरोधी कानून संख्या 13 के अनुसार विदेशी मिशनों पर हमला करना एक गंभीर अपराध माना जाता है। सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल के प्रमुख फइक ज़ैदान ने साफ किया है कि इन कृत्यों को आतंकवादी हमला माना जाता है। ऐसे मामलों में शामिल पाए जाने वाले दोषियों को कानून के तहत मौत की सजा भी दी जा सकती है। सरकार ने विदेशी तेल क्षेत्रों और बड़े होटलों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता पर रखा है जहां विदेशी नागरिक ठहरते हैं।

मुख्य निशाना स्थान घटना का प्रकार
अमेरिकी दूतावास बगदाद सुरक्षा चेतावनी
शैली किटल्सन बगदाद विदेशी पत्रकार का अपहरण
UAE वाणिज्य दूतावास एरबिल हमले की धमकी
मजनून तेल क्षेत्र इराक महत्वपूर्ण संस्थान पर खतरा
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.