Iraq में एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है। ईरान के समर्थन वाले इराकी सशस्त्र समूहों ने चेतावनी दी है कि वे फिर से हमले शुरू कर सकते हैं। यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीज़फायर की समय सीमा कल यानी 21 अप्रैल को खत्म हो रही है। इस वजह से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।

सीज़फायर टूटने की मुख्य वजह क्या है?

तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका ने Strait of Hormuz के पास ईरान के एक कार्गो शिप ‘Touska’ को जब्त कर लिया। ईरान ने इस कार्रवाई को गलत बताया है और इसे समुद्री डकैती कहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया है, इसलिए अब उनके साथ दोबारा बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है।

अब तक की पूरी घटना क्या है?

इस पूरे विवाद की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को हुई थी जब पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था। ‘Islamic Resistance in Iraq’ नाम के गठबंधन ने भी हमले रोकने का वादा किया था। हालांकि, इस बीच बहरीन और सऊदी अरब में ड्रोन हमले होते रहे, जिससे शांति की कोशिशें कमजोर पड़ गईं। अब 21 अप्रैल को यह समय सीमा खत्म हो रही है।

तारीख/संस्था महत्वपूर्ण घटना
8 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान के बीच सीज़फायर शुरू हुआ
14 अप्रैल 2026 बहरीन और सऊदी अरब में ड्रोन हमले हुए
20 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरानी जहाज ‘Touska’ को जब्त किया
21 अप्रैल 2026 सीज़फायर की समय सीमा खत्म होगी
Pakistan अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराया
Iran अमेरिका के साथ नई बातचीत से इनकार किया
US ईरानी जहाज को जब्त कर तनाव बढ़ाया
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.