सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए इराक ने रखा नया सुरक्षा प्रस्ताव

Praggya Singh sabal24 August 20262 min read69 viewsSaudi
सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए इराक ने रखा नया सुरक्षा प्रस्ताव

इराक ने ईरान और सऊदी अरब के बीच आपसी विश्वास की कमी को दूर करने के लिए एक साझा सुरक्षा समन्वय परिषद बनाने का औपचारिक प्रस्ताव रखा है। इस नई पहल की जानकारी इराक के प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Qassem al-Araji ने रविवार, 24 अगस्त 2026 को दी। उनका कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापित करना और दोनों पड़ोसी देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करना है। हालांकि अभी तक इस परिषद के काम करने के तरीकों या नियमों का पूरा खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसे क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

देश के भीतर हथियारों पर नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सेना की वापसी

सुरक्षा सलाहकार Qassem al-Araji ने देश के अंदरूनी हालातों पर बात करते हुए साफ किया कि इराक के भीतर सभी हथियारों को सरकारी नियंत्रण में लाया जाएगा। इसके लिए इराक की सेना ने पहले ही 3 जून को एक विशेष कमेटी बनाई थी, जिसका काम देश में मौजूद सभी हथियारों को सरकार के अधीन करना है। इसके अलावा, देश से अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की सैनिकों की वापसी की तारीख 30 सितंबर 2026 तय की गई है। सरकार का मानना है कि विदेशी सैनिकों के जाने के बाद देश में सुरक्षा व्यवस्था का एक नया दौर शुरू होगा।

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हालिया हमलों और राजनयिक बैठकों का असर

यह कूटनीतिक प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ही इराक के विदेश मंत्री Fuad Hussein और सऊदी अरब के विदेश मंत्री Faisal bin Farhan के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अहम बातचीत हुई थी। दोनों देशों के बीच तनाव पिछले महीने 27 जुलाई की एक घटना के बाद और बढ़ गया था, जब सऊदी अरब ने इराक की तरफ से आए कुछ ड्रोन को रियाद और पूर्वी प्रांत के तेल ठिकानों पर हमला करने से पहले हवा में ही रोक लिया था। सऊदी अधिकारियों ने इन हमलों के पीछे ईरान समर्थित मिलिशिया का हाथ होने का आरोप लगाया था। इन तमाम शिकायतों के बाद इराकी प्रधानमंत्री Ali al-Zaydi ने सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले की आधिकारिक जांच शुरू करने का सख्त आदेश दिया था।

क्षेत्रीय समझौतों और देशों की प्रतिक्रिया

खाड़ी क्षेत्र की राजनीति में तब और बदलाव आया जब 7 अगस्त को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इन तमाम सुरक्षा बैठकों और नए समझौतों के बीच, रिपोर्ट लिखे जाने तक यानी 24 अगस्त 2026 तक तेहरान और रियाद दोनों की तरफ से इराक के इस नए सुरक्षा परिषद वाले प्रस्ताव पर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। भारत और अन्य देशों से खाड़ी क्षेत्र में आने वाले प्रवासियों के लिए भी क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बहुत मायने रखती है, क्योंकि इन देशों में किसी भी तरह का तनाव सीधा असर वहां की व्यवस्था और कामकाजी माहौल पर डालता है।

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