इराक ने एक महीने के लंबे इंतजार के बाद अपने दक्षिणी बंदरगाहों से कच्चे तेल का निर्यात फिर से शुरू कर दिया है। ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद किए जाने की वजह से इराक के तेल व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा था। अब धीरे-धीरे तेल की सप्लाई दोबारा शुरू हो रही है जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल है।

तेल निर्यात क्यों रुका था और कितना नुकसान हुआ?

28 फरवरी 2026 को ईरान ने Strait of Hormuz को बंद कर दिया था, जिससे इराक के लिए तेल भेजना मुश्किल हो गया। इसकी वजह से मार्च के महीने में इराक का निर्यात 99.8 मिलियन बैरल से घटकर केवल 18.6 मिलियन बैरल रह गया था। इराक के तेल उत्पादन में भी 70% तक की बड़ी गिरावट आई थी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा। IMF ने अनुमान लगाया है कि 2026 में इराक की अर्थव्यवस्था में 6.8% की गिरावट आ सकती है।

इराक ने तेल भेजने के लिए और क्या रास्ते निकाले?

Strait of Hormuz बंद होने के दौरान इराक ने दूसरे रास्ते खोजे ताकि उसकी कमाई पूरी तरह बंद न हो। Kirkuk से Ceyhan पाइपलाइन के जरिए 170,000 बैरल प्रतिदिन तेल भेजना शुरू किया गया। साथ ही सीरिया और जॉर्डन के जमीनी रास्तों का इस्तेमाल किया गया। 15 अप्रैल को सीरिया के Baniyas पोर्ट से इराक के तेल की पहली खेप भेजी गई थी। इराक के तेल मंत्रालय ने बताया कि वे अमेरिकी और ईरानी पक्षों से बात कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न आए।

दुनिया भर में क्या स्थिति है?

इस पूरे विवाद में अमेरिका, ईरान और इसराइल के बीच तनाव बना हुआ है। 17 अप्रैल को ईरान ने कहा कि रास्ता पूरी तरह खुला है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नाकेबंदी जारी रखने का फैसला किया है। इस समस्या को सुलझाने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन ने पेरिस में एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया है। IEA ने इस पूरी स्थिति को ग्लोबल ऑयल मार्केट का इतिहास में सबसे बड़ा व्यवधान बताया है।

विवरण जानकारी
निर्यात दोबारा शुरू होने की तारीख 17 अप्रैल 2026
रुकावट की शुरुआत 28 फरवरी 2026
फरवरी में कुल निर्यात 99.8 मिलियन बैरल
मार्च में कुल निर्यात 18.6 मिलियन बैरल
तेल उत्पादन में गिरावट 70%
IMF का आर्थिक अनुमान 6.8% की गिरावट