इराक के तेल मंत्री हयान अब्दुल गनी ने मंगलवार को एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि इराक की संघीय सरकार और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार (KRG) के बीच तुर्की को तेल निर्यात फिर से शुरू करने पर सहमति बन गई है। यह सप्लाई बुधवार, 19 मार्च 2026 से दोबारा शुरू कर दी जाएगी। रॉयटर्स और अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की सप्लाई पर भी असर पड़ेगा।

कितना तेल भेजा जाएगा और पिछला विवाद क्या था?

इस नए समझौते के तहत हर दिन 2,00,000 से लेकर 2,50,000 बैरल तक किरकुक का तेल Ceyhan के लिए KRG पाइपलाइन के जरिए भेजा जाएगा। आपको बता दें कि यह पाइपलाइन 25 मार्च 2023 से पूरी तरह बंद पड़ी थी। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत (International Court of Arbitration) के एक फैसले के बाद इस सप्लाई को रोक दिया गया था। अब लगभग 3 साल बाद दोनों सरकारों की आपसी सहमति से इसे दोबारा चालू किया जा रहा है।

पाइपलाइन और समझौते से जुड़ी कुछ खास बातें

इराक और कुर्दिस्तान ने अपने तेल निर्यात समझौते को दिसंबर 2025 में ही मार्च 2026 तक के लिए बढ़ा दिया था। इस पूरी प्रक्रिया में एक अहम बात यह भी है कि 1973 का तुर्की-इराक कच्चा तेल पाइपलाइन समझौता 27 जुलाई 2026 को खत्म होने वाला है। जानकारी के अनुसार 15 मार्च 2026 तक कुर्दिस्तान क्षेत्र से कुछ औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी था और बातचीत चल रही थी, लेकिन अब सरकार ने सभी अड़चनों को दूर करते हुए इसे बुधवार से शुरू करने का फाइनल फैसला सुना दिया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.