इराक और उसके पड़ोसी अरब देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते काफी नाजुक दौर में पहुंच गए हैं। ईरान से जुड़े सशस्त्र समूहों द्वारा खाड़ी देशों और जॉर्डन पर लगातार किए जा रहे हमलों ने इस तनाव को बढ़ा दिया है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन ने एक संयुक्त बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। इन देशों का कहना है कि ये हमले उनकी राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन हैं।

खाड़ी देशों ने हमलों और सुरक्षा को लेकर क्या कहा?

सऊदी अरब और उसके साथी देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला दिया है, जिसमें ईरान को पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का निर्देश दिया गया है। हाल ही में कुवैत ने अपने नेताओं की हत्या की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है, जिसमें हिजबुल्ला से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन देशों का मानना है कि इराक की जमीन का इस्तेमाल उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में है।

इराक सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की क्या प्रतिक्रिया है?

इराक के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा है कि अरब देशों की सुरक्षा इराक की अपनी सुरक्षा का हिस्सा है। बगदाद ने साफ किया कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश या जॉर्डन को निशाना बनाने के लिए नहीं होने देगा। वहीं अमेरिका ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वे इराक में सक्रिय इन समूहों पर सैन्य कार्रवाई और प्रतिबंध लगा सकते हैं।

क्षेत्रीय तनाव से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े और तथ्य

विषय महत्वपूर्ण जानकारी
हमलों की संख्या इराक से रोजाना 21 से 31 हमले खाड़ी और जॉर्डन पर किए जा रहे हैं
मुख्य गुट इस्लामिक रेजिस्टेंस और पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF)
कुवैत की कार्रवाई हिजबुल्ला से जुड़े 6 संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई
अमेरिकी रुख सैन्य कार्रवाई और वित्तीय प्रतिबंधों की चेतावनी दी गई
विशेषज्ञों की राय ईरान सीधे युद्ध से बचने के लिए इराक के गुटों का सहारा ले रहा है

इराक के राजनेताओं ने भी चेतावनी दी है कि यदि बगदाद इन सशस्त्र समूहों पर लगाम लगाने में विफल रहता है, तो देश एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय अलगाव का सामना कर सकता है। भारतीय प्रवासियों और खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों के लिए यह तनाव चिंता का विषय है, क्योंकि इससे क्षेत्र की सुरक्षा और यात्रा नियमों पर असर पड़ सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com