इराक में बिजली संकट का बड़ा समाधान, ग्रामीण इलाकों में सोलर एनर्जी बन रही है नया सहारा.

इराक के ग्रामीण इलाकों में बिजली की भारी कमी से निपटने के लिए डिस्ट्रीब्यूटेड सोलर पावर यानी सौर ऊर्जा एक बेहतरीन और टिकाऊ विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है। ग्रामीण समुदायों को बिजली देने के लिए पारंपरिक ग्रिड विस्तार का इंतजार करने के बजाय स्थानीय स्तर पर सोलर पैनल लगाने पर जोर दिया जा रहा है। Al Jazeera English द्वारा 21 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक लेख में विश्लेषक रुवैदा मुस्तफा ने इस बात पर जोर दिया है कि गांवों में स्थानीय स्तर पर सोलर सिस्टम लगाने से लोगों को बहुत फायदा मिल रहा है।
कुलाक जैसे गांवों में रहने वाले लोगों को अब कृषि कार्यों के लिए 24 घंटे बिजली मिल रही है, जिससे कोल्ड स्टोरेज और पानी पंप करने जैसे जरूरी काम बिना किसी रुकावट के चल रहे हैं। लोगों को अब बिजली के लिए दशकों तक राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के विकास का इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। विकेंद्रीकृत बिजली अपनाने की यह मांग देश में चल रहे गंभीर राष्ट्रीय बिजली संकट के बीच उठी है।
बिजली मंत्री का संसद में बयान और राष्ट्रीय योजना
इराक के बिजली मंत्री अली सादी वाहिब ने 27 जुलाई 2026 को देश की संसद को बताया था कि देश में वर्तमान में केवल 20,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जो कि जरूरत के हिसाब से 60,000 मेगावाट से बहुत कम है। इस भारी कमी को दूर करने के लिए संसद ने 27 जुलाई 2026 को एक राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य घरों, कृषि और उद्योगों में सौर ऊर्जा प्रणालियों को जोड़ना है ताकि बिजली की कमी को पूरा किया जा सके।
इस बदलाव को आसान बनाने के लिए Central Bank of Iraq को एक सॉफ्ट-लोन पहल शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत नागरिकों को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए कम ब्याज पर या बिना ब्याज के कर्ज दिया जाएगा। इन प्रयासों से सरकार के पिछले कदमों को भी मजबूती मिल रही है, जिसमें इराकी सीमा शुल्क प्राधिकरण द्वारा सोलर उपकरणों पर आयात शुल्क को 33 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करना शामिल है।
सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम और बड़े प्रोजेक्ट्स
प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुडानी और प्रांतीय समन्वय उच्च समिति ने 9 अप्रैल 2026 को देश की 850 सरकारी इमारतों में सोलर एनर्जी सिस्टम स्थापित करने की एक परियोजना को मंजूरी दी थी। इस छह साल की परियोजना को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषण दोनों का समर्थन मिल रहा है। इराकी सरकार ने बड़े लक्ष्य तय किए हैं, जिसके तहत 2027 तक अपनी कुल ऊर्जा जरूरतों का 12 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने और दशक के अंत तक 12 गीगावॉट सौर क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
दूसरी ओर, कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने 2033 तक 3 गीगावाट सौर ऊर्जा स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है और 2026 के अंत तक अपने 65 लाख नागरिकों को लगातार बिजली देने का इरादा रखा है। इराक अंतरराष्ट्रीय फर्मों के साथ साझेदारी करके बड़े पैमाने पर यूटिलिटी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहा है। इसमें टोटलएनर्जीज जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो बसरा ऑयल कंपनी और कतर एनर्जी के सहयोग से बसरा में 1 गीगावाट का प्लांट विकसित कर रही हैं। इसके अलावा एसीवा पावर, मದಾರ और यूजी-टी रिन्यूएबल्स जैसी बड़ी कंपनियां भी इस क्षेत्र में काम कर रही हैं, जिनके पास बड़े प्रोजेक्ट्स के अनुबंध हैं।