Saudi Arabia पर संभावित हमले को नाकाम करने के लिए Iraq ने कसी कमर, सेना को दिया हाई अलर्ट का आदेश

सऊदी अरब पर संभावित हमलों के खतरों को देखते हुए इराक ने एक बड़ी सुरक्षा योजना शुरू कर दी है। 7 अगस्त 2026 को इराकी सशस्त्र बलों ने इस बात का ऐलान किया कि वे पड़ोसी देश सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं और किसी भी तरह की आक्रामकता को रोकने के लिए तैयार हैं। इराकी सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह विशेष ऑपरेशन राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है।
खुफिया जानकारी के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
यह घटनाक्रम 6 अगस्त 2026 को मिली उन खुफिया रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिसमें सऊदी अधिकारियों ने यमन के हुथी समूह और इराक में मौजूद कुछ मिलिशिया समूहों के बीच तालमेल की आशंका जताई थी। आरोप है कि इन्हें ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का समर्थन प्राप्त है और ये सऊदी अरब को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। इस स्थिति के जवाब में सऊदी अरब ने भी स्पष्ट किया है कि वे अपनी सुरक्षा और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं। इराक के कमांडर-इन-चीफ Ali Faleh Al-Zeidi के निर्देश पर 6 अगस्त 2026 से ही इराकी सेना ने अपनी युद्ध तैयारी और सुरक्षा घेरे को काफी मजबूत कर लिया है, जिसमें सैनिकों की आवाजाही और खास प्रशिक्षण अभ्यास शामिल हैं।
इराक का रुख: नहीं दी जाएगी ज़मीन का इस्तेमाल
लेफ्टिनेंट जनरल Abdul Amir Al-Shammari की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक में इराक ने इस बात को फिर से दोहराया कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ आंतरिक या बाहरी खतरे के लिए नहीं होने देगा। इराक के विदेश मंत्री Fouad Hussein ने भी अपने सऊदी समकक्ष Faisal bin Farhan के साथ बैठक में इसी बात को पुख्ता किया। दोनों देशों के बीच एक इराकी सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल की सऊदी अरब यात्रा पर भी सहमति बनी है। इससे पहले 1 अगस्त 2026 को भी इराकी सेना ने वादा किया था कि वे किसी भी मित्र देश के खिलाफ अपनी धरती से कोई हमला या घुसपैठ नहीं होने देंगे।
पुरानी घटनाओं का असर और सुरक्षा योजना
यह घटनाक्रम 27 जुलाई 2026 को सऊदी हवाई सुरक्षा द्वारा उन ड्रोन को मार गिराने के बाद शुरू हुआ, जो तेल सुविधाओं को निशाना बना रहे थे। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Major General Turki Al-Maliki ने दावा किया था कि ये ड्रोन इराक की सीमा से भेजे गए थे और ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा संचालित थे। हालांकि, 30 जुलाई 2026 को इराकी प्रवक्ता Sabah Al-Nu'man ने कहा था कि अभी तक किसी भी पक्ष ने इन दावों का ठोस सबूत पेश नहीं किया है। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री Ali Faleh Al-Zeidi के नेतृत्व में इराक की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अपनी सीमाओं पर नियंत्रण बढ़ाने और किसी भी बाहरी खतरे को रोकने के लिए एक व्यापक सुरक्षा योजना को मंजूरी दी है, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते सुरक्षित रहें।