इराक ने अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए सीरिया के रास्ते तेल का निर्यात आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। इराक के तेल मंत्रालय ने बुधवार 1 अप्रैल 2026 को इसकी जानकारी दी और बताया कि टैंकरों के जरिए सप्लाई को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य समुद्री रास्तों में आ रही दिक्कतों के बीच तेल की बिक्री को सुरक्षित रखना है। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के आदेश पर इसके लिए सीरिया के साथ लगती अल-वलीद बॉर्डर क्रॉसिंग को भी खोल दिया गया है।

इराक ने सीरिया के रास्ते तेल भेजने का फैसला क्यों लिया?

इराक की कमाई का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा तेल निर्यात से आता है। 28 फरवरी 2026 से जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव और संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते बंद हो गए थे, जिससे बसरा पोर्ट से होने वाला निर्यात रुक गया था। इसी समस्या से निपटने के लिए इराक ने वैकल्पिक रास्ते के तौर पर सीरिया का चुनाव किया है। इराक की स्टेट ऑयल मार्केटिंग ऑर्गनाइजेशन (SOMO) ने अगले तीन महीनों तक हर महीने लाखों बैरल तेल सीरिया के रास्ते भेजने की पूरी योजना तैयार कर ली है।

तेल निर्यात और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
शुरुआत की तारीख 1 अप्रैल 2026
बॉर्डर क्रॉसिंग का नाम अल-वलीद / अल-तन्फ
ट्रांसपोर्ट का तरीका टैंकर ट्रक (सड़क मार्ग)
महीने का लक्ष्य करीब 48.5 लाख बैरल
सीरिया में पोर्ट बनियास पोर्ट (Baniyas)
पहले दिन की शिपमेंट 101 से 299 टैंकर ट्रक

क्या यह इराक के लिए स्थायी समाधान है?

तेल विशेषज्ञों का कहना है कि टैंकरों के जरिए तेल भेजना पाइपलाइन या समुद्री जहाजों के मुकाबले काफी महंगा और मुश्किल काम है। पूर्व तेल मंत्रालय प्रवक्ता आसिम जिहाद के अनुसार, इसे एक अस्थायी समाधान के रूप में देखा जा रहा है। इराक के उप तेल मंत्री बासिम मोहम्मद खुदैर ने संकेत दिए हैं कि सरकार सीरिया के तट तक एक नई पाइपलाइन बिछाने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। फिलहाल पुरानी पाइपलाइन खराब पड़ी है, इसलिए सड़क मार्ग का सहारा लिया जा रहा है ताकि देश की कमाई पर बुरा असर न पड़े।