14 साल के लंबे इंतजार के बाद इराक और सीरिया के बीच तेल के व्यापार का रास्ता फिर से खुल गया है। हाल ही में 70 Iraqi crude oil tankers अल-यारूबिया बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए सीरिया में दाखिल हुए। यह कदम दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को फिर से मजबूत करने और ऊर्जा की सप्लाई को आसान बनाने के लिए उठाया गया है।

इराक ने 14 साल बाद इस रास्ते को क्यों चुना?

Iraqi Border Ports Authority (IBPA) के प्रमुख Omar al-Waeli ने बताया कि रबिया-अल-यारूबिया क्रॉसिंग को अब तेल एक्सपोर्ट के लिए एक रणनीतिक कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इस फैसले के पीछे कई मुख्य कारण हैं:

  • दूसरे बॉर्डर पॉइंट्स पर पड़ने वाले दबाव को कम करना।
  • तेल निर्यात के लिए नए और अलग रास्तों को विकसित करना।
  • देश की कुल कमाई में बढ़ोतरी करना।
  • Strait of Hormuz में होने वाली दिक्कतों की वजह से अमेरिका और ईरान के साथ समझौता कर वैकल्पिक रास्तों की तलाश करना।

तेल की सप्लाई और आने वाले फायदे क्या होंगे?

यह कच्चा तेल सीरिया के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित Baniyas refinery तक पहुँचाया जाएगा। सीरियाई अधिकारी Feras Rustum ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक और ऊर्जा शिपमेंट को बेहतर बनाएगा।

Syrian Petroleum Company ने उम्मीद जताई है कि इस नए रूट के जरिए हर महीने लगभग 5,00,000 मीट्रिक टन ईंधन की सप्लाई हो सकती है। Iraqi News Agency (INA) के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन सरकारी अधिकारियों की सीधी देखरेख में और तय सुरक्षा नियमों के तहत पूरा किया गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इराक और सीरिया के बीच तेल का रास्ता कितने समय बाद खुला?

यह रास्ता करीब 14 साल बाद खुला है। अल-यारूबिया बॉर्डर क्रॉसिंग को आधिकारिक तौर पर 20 अप्रैल 2026 को फिर से खोला गया था।

इराक हर महीने कितना तेल सीरिया भेजेगा?

Syrian Petroleum Company के अनुमान के मुताबिक, इस रूट से हर महीने लगभग 5 लाख मीट्रिक टन ईंधन की सप्लाई होने की संभावना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.