इराक का टूरिज्म सेक्टर हुआ बर्बाद, ईरान युद्ध और हॉर्मूज जलडमरूमध्य की पाबंदियों से अर्थव्यवस्था पर संकट

इराक का उभरता हुआ टूरिज्म सेक्टर इन दिनों बहुत बड़ी मुश्किलों में फंस गया है क्योंकि ईरान के साथ चल रहे युद्ध और हॉर्मूज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में आवाजाही पर लगी सख्त पाबंदियों ने देश की आर्थिक स्थिति को हिला कर रख दिया है। Al Jazeera के रिपोर्टर Jack Hewson ने बगदाद से रिपोर्टिंग करते हुए यह जानकारी दी है कि यह геополитическая तनाव इराक के उन चुनिंदा सेक्टरों को कमजोर कर रहा है जो देश की अर्थव्यवस्था को संभाले हुए थे। इस पूरे संघर्ष की शुरुआत फरवरी के आखिर और मार्च 2026 में हुई थी जब अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए थे। इन हमलों के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की नौसेना ने इस रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
वैश्विक तेल बाजार पर असर और नए रास्तों की तलाश
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी International Energy Agency ने इस रास्ते के बंद होने को वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट बताया है। हालांकि ईरान ने बगदाद के अनुरोध पर लगभग 22-23 अगस्त 2026 के आसपास कुछ इराकी तेल टैंकरों को इस रास्ते से गुजरने के लिए विशेष अनुमति दे दी थी, लेकिन फिर भी कुल शिपिंग ट्रैफिक युद्ध से पहले के स्तर से काफी नीचे चल रहा है। इराक के राष्ट्रपति Nizar Amedi ने इन चुनिंदा तेल जहाजों को छूट मिलने की बात स्वीकार की है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि स्थिति अभी बहुत पेचीदा है और यह जलडमरूमध्य देश की तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। इसी वजह से इराक अब तेजी से तुर्की के Ceyhan port के रास्ते नए निर्यात मार्ग तैयार करने में जुट गया है, साथ ही सीरिया के Baniyas port और जॉर्डन के Aqaba port से भी रास्ते बनाने पर विचार चल रहा है।
ईरान की चेतावनी और सुरक्षा से जुड़े कड़े नियम
तारीख 24 अगस्त 2026 तक की स्थिति के अनुसार ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी जहाज हॉर्मूज जलडमरूमध्य में उसके नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन्हें जब्त किया जा सकता है, हिरासत में लिया जा सकता है या फिर भारी आर्थिक जुर्माना भरना पड़ सकता है। फारस की खाड़ी के जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने जहाज किराए पर लेने वालों यानी चार्टरर्स को यह सलाह दी है कि वे किसी भी जहाज को बुक करने से पहले उसकी रजिस्ट्री जरूर जांच लें कि कहीं वह ब्लैकलिस्ट तो नहीं है। इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने दूसरे देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिका के नेतृत्व वाले आर्थिक दबाव के अभियानों का साथ न दें। वहीं ओमान के विदेश मंत्री इस रास्ते को लेकर बातचीत करने के लिए मंगलवार को तेहरान जाने वाले हैं।
टूरिज्म को लेकर लंबी अवधि की रणनीति
इन तमाम तात्कालिक दबावों के बावजूद इराकी पर्यटन प्राधिकरण अपनी लंबी अवधि की राष्ट्रीय रणनीति पर काम कर रहा है जिसे जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन यानी GIZ के साथ मिलकर तैयार किया गया था। इस योजना का लक्ष्य साल 2035 तक 10 मिलियन यानी एक करोड़ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना है और इसे 2045 तक बढ़ाने का प्लान है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने कानूनों और वीजा प्रक्रियाओं जैसी पुरानी समस्याओं को दूर करना और देश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का प्रचार-प्रसार करना है। क्षेत्र के इस तनावपूर्ण माहौल के बावजूद यह पूरा प्रयास लंबी अवधि की स्थिरता पर पूरी तरह से केंद्रित है।