इराक और अमेरिका के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है। इराक अब उन रास्तों को बंद करेगा जिससे अमेरिकी डॉलर ईरान और उसके समर्थित लड़ाकों तक पहुँचते थे। इस फैसले के बाद अमेरिका ने इराक को डॉलर भेजना फिर से शुरू कर दिया है, जिस पर करीब चार महीने से रोक लगी थी।
अमेरिका ने फरवरी और अप्रैल 2026 के बीच इराक को डॉलर भेजने का काम रोक दिया था। इस वजह से न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व बैंक में इराक की तेल बिक्री से मिले लगभग 500 मिलियन डॉलर अटके हुए थे। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी के प्रवक्ता Haider al-Aboudi और वित्तीय सलाहकार Mudhar Muhammad Salih ने पुष्टि की है कि अब यह समस्या हल हो गई है और डॉलर की सप्लाई फिर से चालू हो गई है।
पैसे के साथ-साथ इराक सरकार अब अपने देश के सशस्त्र गुटों पर भी लगाम कस रही है। प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने ईरान समर्थित सभी मिलिशिया को एक अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ़ कहा है कि सभी गुटों को 30 सितंबर 2026 तक अपने हथियार डालने होंगे।
यह समय इसलिए तय किया गया है क्योंकि इराक में ISIS के खिलाफ चल रहा अमेरिकी गठबंधन का मिशन भी इसी दौरान खत्म होने वाला है। अमेरिका ने पहले इराक को यह भी बता दिया था कि जब तक मिलिशिया के हमले बंद नहीं होते और इन सशस्त्र समूहों को खत्म नहीं किया जाता, तब तक आतंकवाद विरोधी कार्यक्रमों और सैन्य ट्रेनिंग की फंडिंग रोक कर रखी जाएगी।
