इराक ने ईरान के विदेश मंत्री को साफ शब्दों में कह दिया है कि वह अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा या हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। 28 जून 2026 को बगदाद में हुई हाई लेवल मीटिंग्स में इराक ने क्षेत्रीय शांति की बात की। इस बातचीत का मकसद खाड़ी देशों और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करना है।
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इराक के राष्ट्रपति Nizar Amedi, प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi और विदेश मंत्री Fuad Hussein ने ईरानी विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi से अलग-अलग मुलाकातें कीं। विदेश मंत्री Fuad Hussein ने साफ किया कि इराक किसी भी देश के खिलाफ युद्ध या हमले का समर्थन नहीं करता है। उन्होंने कहा कि इराक नहीं चाहता कि खाड़ी देशों में युद्ध का दायरा और बढ़े और वह ईरान पर हमलों का भी समर्थन नहीं करता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए समिट का सुझाव
इराक ने इलाके में शांति लाने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। Fuad Hussein ने सुझाव दिया कि फारस की खाड़ी के देशों, ईरान और इराक के बीच एक बड़ी बैठक या समिट होनी चाहिए। बगदाद ने इस बैठक की मेजबानी करने की इच्छा जताई है ताकि सुरक्षा और आर्थिक रिश्तों पर चर्चा की जा सके। प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi ने भी बातचीत और मोलतोल के जरिए युद्ध खत्म करने का समर्थन किया है।
Strait of Hormuz और तनाव की स्थिति
बैठक के दौरान Strait of Hormuz को फिर से खोलने और ईरान पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने पर जोर दिया गया। इस पर ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि वह इराक की भूमिका की सराहना करते हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि Strait of Hormuz को संभालने की जिम्मेदारी सिर्फ ईरान की है और किसी बाहरी दखल से तनाव और बढ़ सकता है।
यह पूरी बातचीत ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव चल रहा है। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे, जिसका जवाब ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करके दिया था।
पड़ोसी देशों का विरोध और इराक में छापेमारी
- कुवैत और बहरीन: इन दोनों देशों ने ईरान पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का आरोप लगाते हुए उसकी कड़ी निंदा की है।
- सऊदी अरब: सऊदी अरब ने भी ईरान द्वारा जहाजों के रास्ते में की गई रुकावट और हमलों को गलत बताया है।
- बगदाद में कार्रवाई: इसी दिन इराक की सुरक्षाबलों ने बगदाद में छापेमारी की और ईरान से करीबी रखने वाले कुछ राजनीतिक दलों के अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया।
