इराक में सक्रिय हथियारबंद समूहों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की झड़ी लगा दी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ ने इराक और आसपास के क्षेत्रों में अमेरिकी ठिकानों पर 41 सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। इन हमलों में ड्रोन और रॉकेट का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। अमेरिकी सेना ने भी इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच अपने कई सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि की है।

इन हमलों में अब तक कितना नुकसान हुआ है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों और युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 13 अमेरिकी सैन्य कर्मियों की जान जा चुकी है। इनमें से 7 सैनिक सीधे तौर पर युद्ध के दौरान मारे गए हैं, जबकि 6 की मौत इराक में एक सैन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से हुई। सऊदी अरब में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए ईरानी हमले में भी 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इसके अलावा, इराक के एर्बिल में एक ही घंटे के भीतर 10 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट किया गया है।

क्षेत्र की सुरक्षा और सरकारी बयानों पर ताजा स्थिति

इस हिंसा के बीच सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों ने एक साझा बयान जारी कर चिंता जताई है। इन देशों ने इराक सरकार को अपने क्षेत्र के भीतर सक्रिय हथियारबंद समूहों को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक अमेरिकी पत्रकार शैली किटल्सन के अपहरण की भी जानकारी दी है, जिसमें ईरान समर्थित समूहों का हाथ होने की आशंका है।

मुख्य विवरण ताजा आंकड़े / जानकारी
कुल हमलों का दावा 41 हमले
अमेरिकी सैनिकों की मौत 13 (कुल)
सऊदी अरब में घायल सैनिक 12 सैनिक
एर्बिल में मार गिराए ड्रोन 10 ड्रोन
अपहृत अमेरिकी नागरिक 1 पत्रकार (शैली किटल्सन)

अमेरिकी राष्ट्रपति और ईरान का क्या है रुख?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के नए प्रशासन ने संघर्ष विराम का अनुरोध किया है। उन्होंने दावा किया कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहता है, तो अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों में इस युद्ध से बाहर निकल सकता है। वहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर कूटनीति को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया है। बगदाद ने भी हाल ही में हुई बमबारी की निंदा की है जिसमें सात इराकी सैन्यकर्मी मारे गए थे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.