सऊदी अरब के जदीदत अरार बॉर्डर से इराकी हज यात्रियों के पहले ग्रुप की एंट्री शुरू हो गई है। 26 अप्रैल 2026 को यात्री वहां पहुंचे और उनके स्वागत के लिए सऊदी सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। इराकी गृह मंत्री अब्दुल अमीर अल-शम्मरी ने खुद बॉर्डर पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो और वे आसानी से पवित्र स्थलों तक पहुंच सकें।

इराकी हज यात्रियों के लिए क्या हैं नए नियम?

  • सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने सड़क मार्ग से आने वाले इराकी यात्रियों की संख्या में 10 प्रतिशत की कटौती की है, जिन्हें अब हवाई यात्रा से भेजा जाएगा।
  • इराकी बसों को मक्का शहर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
  • सड़क मार्ग से आने वाले यात्रियों को शहर के प्रवेश द्वारों पर उतारा जाएगा और वहां से मक्का और अन्य पवित्र स्थलों के लिए सऊदी बसों का इस्तेमाल करना होगा।
  • मक्का और पवित्र स्थलों में केवल वही लोग जा सकेंगे जिनके पास वैध हज वीज़ा होगा। वर्क वीज़ा या किसी अन्य वीज़ा पर हज की अनुमति नहीं है।

बिना परमिट हज करने पर कितना लगेगा जुर्माना?

सऊदी सरकार ने हज नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए भारी जुर्माने का ऐलान किया है। बिना परमिट या विजिट वीज़ा पर हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। वहीं, जो लोग बिना परमिट वाले यात्रियों की मदद करेंगे या उन्हें पनाह देंगे, उन पर 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अवैध रूप से प्रवेश करने वाले निवासियों को डिपोर्ट कर दिया जाएगा और उन पर 10 साल तक सऊदी अरब में आने की पाबंदी रहेगी।

बॉर्डर पर यात्रियों के लिए क्या सुविधाएं हैं?

Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA) ने जदीदत अरार बॉर्डर पर बड़ी तैयारियां की हैं। यहां 9,000 वर्ग मीटर का एक बड़ा हॉल बनाया गया है, जिसमें हर दिन 20,000 से ज्यादा यात्रियों और 400 से ज्यादा बसों को संभालने की क्षमता है। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां 94 पासपोर्ट काउंटर और 13 कस्टम निरीक्षण क्षेत्र बनाए गए हैं। सऊदी पासपोर्ट विभाग ने भी आधुनिक तकनीक और अलग-अलग भाषाएं जानने वाले कर्मचारियों को तैनात किया है ताकि यात्रियों का इंतजार कम हो और कागजी कार्रवाई जल्दी पूरी हो सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.