गर आपके पास स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी है तो जल्द ही आप पूरी तरह कैशलेस इलाज करा सकते हैं। भारतीय बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण (इरडाई) इस संबंध में योजना बना रहा है। जल्द ही सारे चिकित्सा खर्च के दावों का 100 फीसदी कैशलेस निपटान शुरू हो सकता है।

इसके लिए नियामक स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के साथ काम कर रहा है। अभी कैशलेस दावा प्रक्रिया थकाऊ है। बीमा कंपनियां तमाम मदों के नाम पर कुल बिल से 10 फीसदी या अधिक कटौती करती हैं। अधिकांश अस्पताल कैशलेस की मंजूरी नहीं देते हैं।

इरडाई चेयरमैन देबाशीष पांडा ने बुधवार को मुंबई में फिनटेक कार्यक्रम में कहा, नियामक इसके लिए नेशनल हेल्थ एक्सचेंज में अधिक अस्पतालों को शामिल करने को बीमा परिषद व राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण संग मिलकर काम कर रहा है।

भारतीय बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण (इरडाई) अपनी योजना के तहत नियामक स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के साथ मिलकर पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इसके तहत, चिकित्सा खर्च के दावों का 100% कैशलेस निपटान हो सकता है। बीमा कंपनियां अभी तक कुल बिल से 10% या अधिक कटौती करती हैं और अस्पतालों में भी कैशलेस सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। इरडाई इसके लिए अधिक अस्पतालों को शामिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ काम कर रहा है।

Lov Singh

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