अबू धाबी में इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (IRENA) की 31वीं काउंसिल मीटिंग शुरू हो गई है। इस बैठक में दुनिया भर के 300 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जो व्यक्तिगत तौर पर और वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं। दो दिनों तक चलने वाली इस मीटिंग में इस बात पर चर्चा की जा रही है कि दुनिया अपनी बिजली की जरूरतों के लिए सौर और पवन ऊर्जा जैसे विकल्पों को कैसे तेजी से अपना सकती है।
एनर्जी सिक्योरिटी के लिए AI और नई तकनीक का इस्तेमाल कैसे होगा?
इस मीटिंग का मुख्य मकसद एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करना है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटलाइजेशन और इलेक्ट्रिफिकेशन जैसी नई तकनीकों पर बात की जा रही है। काउंसिल यह देख रही है कि कैसे इन आधुनिक तकनीकों की मदद से दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी यानी प्राकृतिक ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाया जा सकता है ताकि भविष्य में बिजली की कमी न हो।
UAE और IRENA के बड़े अधिकारियों ने क्या कहा?
IRENA के डायरेक्टर जनरल Francesco La Camera ने बताया कि बिजली के क्षेत्र में हो रहे बदलाव पूरी अर्थव्यवस्था और खासकर गरीब समुदायों पर असर डाल रहे हैं। वहीं, UAE की जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री Dr. Amna bint Abdullah Al Dahak ने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी, आर्थिक स्थिरता और खाद्य सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दुनिया से रिन्यूएबल एनर्जी की कोशिशों को तेज करने की अपील की और कहा कि UAE इस दिशा में पूरी मदद करेगा।
अगले कुछ सालों के लिए क्या है बड़ा प्लान?
काउंसिल में 2026-2027 के वर्क प्रोग्राम और बजट की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही 2028 से 2032 तक के लिए एक मीडियम-टर्म स्ट्रेटेजी तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इस काउंसिल में 21 सदस्य देश शामिल हैं जो दो साल के लिए चुने जाते हैं और एजेंसी के काम और बजट की निगरानी करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IRENA की 31वीं काउंसिल मीटिंग कहाँ और कब हुई?
यह मीटिंग 21 मई 2026 को अबू धाबी में शुरू हुई, जो दो दिनों तक चलेगी। इसमें 300 से ज्यादा प्रतिनिधि व्यक्तिगत और वर्चुअल तरीके से शामिल हुए।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य रिन्यूएबल एनर्जी के जरिए ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना और AI व डिजिटलाइजेशन जैसी नई तकनीकों को अपनाकर ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन को तेज करना है।
