संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एतिहाद क्रेडिट इंश्योरेंस (ECI) और इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (IRENA) ने एक बड़ा समझौता किया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देना और उनके लिए फंड की व्यवस्था को आसान बनाना है। इस महत्वपूर्ण समझौते पर 5 जून 2026 को हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे दुनिया के कई विकासशील और विकसित देशों को फायदा होने की उम्मीद है।
क्या है यह समझौता और इससे कैसे मिलेगा फायदा?
इस नए समझौते के तहत एतिहाद क्रेडिट इंश्योरेंस (ECI) क्रेडिट इंश्योरेंस और रिस्क मैनेजमेंट से जुड़ी अपनी खास सेवाएं प्रदान करेगी। यह सेवाएं IRENA के एनर्जी ट्रांजिशन एक्सीलेटर फाइनेंसिंग (ETAF) प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेंगी। इससे रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वाली कंपनियों का जोखिम कम होगा और बैंकों व वित्तीय संस्थानों के लिए ऐसे प्रोजेक्ट्स को लोन देना काफी आसान हो जाएगा।
किन देशों को मिलेगा इस साझेदारी का सबसे ज्यादा फायदा?
ECI का नेटवर्क दुनिया के 110 देशों में फैला हुआ है। इस साझेदारी के तहत कुछ विशेष क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इसमें निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
- खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और मिडिल ईस्ट के देश
- अफ्रीका और मध्य एशिया (Central Asia) के देश
- दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देश
- भारत जैसे व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) वाले भागीदार देश
इस मौके पर IRENA के महानिदेशक फ्रांसिस्को ला कैमरा ने बताया कि उनकी संस्था अपने वैश्विक सदस्यों और फंडिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए पैसों की उपलब्धता आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IRENA और ECI के बीच समझौता कब हुआ?
IRENA और ECI के बीच इस महत्वपूर्ण साझेदारी समझौते पर 5 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते से मुख्य रूप से किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
इस समझौते से जीसीसी, अफ्रीका, मध्य एशिया, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ-साथ सेपा (CEPA) भागीदार देशों को फायदा होगा।
