फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) के हवाई क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एयर डिफेंस सिस्टम ने एक F-16 लड़ाकू विमान पर मिसाइल दाग दी है, जिसके बाद विमान को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह घटना 11 जून 2026 के शुरुआती घंटों में हुई जब क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अचानक काफी बढ़ गया है।
F-16 लड़ाकू विमान पर कार्रवाई और IRGC का आधिकारिक बयान
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने IRGC के जनसंपर्क विभाग के हवाले से इस घटना की पुष्टि की है। बताया गया है कि एक F-16 लड़ाकू विमान ने फ़ारस की खाड़ी के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। ईरान के डिफेंस सिस्टम ने तुरंत एक्शन लेते हुए विमान पर मिसाइल फायर की, जिसके बाद उसे वापस लौटना पड़ा। कुछ रिपोर्टों में इसे अमेरिकी लड़ाकू विमान बताया जा रहा है, वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे इसराइली F-16 विमान भी कहा गया है।
तनाव बढ़ने के बाद Strait of Hormuz को किया गया बंद
इस घटना के साथ ही क्षेत्र में कई और बड़े घटनाक्रम दर्ज किए गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष विराम अब समाप्त हो चुका है। ईरान के सैन्य नेतृत्व ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी समुद्री जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा की है। ईरान ने सख्त चेतावनी दी है कि इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा। ईरान के दक्षिणी प्रांतों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर नागरिकों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है और रेड क्रेसेंट को अलर्ट पर रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
F-16 लड़ाकू विमान पर कार्रवाई कब और किसने की?
यह कार्रवाई 11 जून 2026 के शुरुआती घंटों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा की गई जब विमान ने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था।
क्या इस घटना के बाद Strait of Hormuz को बंद कर दिया गया है?
हां, ईरान के सैन्य कमान ने Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर दिया है और चेतावनी दी है कि वहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा।
