ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से 33 कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों के गुजरने का रास्ता साफ कराया है। ईरान की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इलाके में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर तनाव काफी बढ़ा हुआ है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण मजबूत करने के लिए एक नई अथॉरिटी का भी गठन किया है जो जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रही है।

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ईरान के इस नए दावे के पीछे क्या है पूरा मामला?

ईरानी सेना (IRGC) के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी 33 जहाजों ने आवश्यक मंजूरी हासिल करने के बाद और ईरानी नौसेना की सुरक्षा निगरानी में अपनी यात्रा पूरी की है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी सेना की वजह से इलाके में असुरक्षा बढ़ी है, जिसके जवाब में उसने यह सुरक्षा निगरानी प्रणाली लागू की है। इससे पहले ईरान ने 22 मई को 31 और 20 मई को 26 जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का दावा किया था।

पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) क्या है?

ईरान ने हाल ही में पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) नाम से एक नई संस्था बनाई है। यह संस्था होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी पानी के जहाजों से क्लीयरेंस लेने और फीस वसूलने का काम संभालेगी। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य को एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता माना जाता है जहां किसी भी देश के जहाजों को बिना रोक-टोक आने-जाने का अधिकार है। हालांकि, ईरान ने इस अंतरराष्ट्रीय संधि को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है और वह इस रास्ते पर अपनी मर्जी से नियम लागू करने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की क्या है स्थिति?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की और संकेत दिया कि ईरान के साथ एक शांति समझौता लगभग तैयार हो चुका है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने की बात कही गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी शांति वार्ता में प्रगति की बात कही है। हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अंतिम फैसला देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए अब शुल्क देना होगा?

ईरान द्वारा नवगठित पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने नए नियम बनाए हैं, जिसके तहत इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को मंजूरी लेनी होगी और शुल्क भी देना पड़ सकता है।

अमेरिका का इस मुद्दे पर क्या रुख है?

अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लगा रखी है, लेकिन साथ ही तनाव को कम करने और होर्मुज को पूरी तरह खोलने के लिए ईरान के साथ समझौते पर बातचीत भी चल रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.