ईरान के Islamic Revolution Guards Corps (IRGC) ने 19 जुलाई 2026 को एक फुटेज जारी किया है। इस वीडियो में Jordan स्थित एयरबेस के हैंगर को नष्ट करने का दावा किया गया है। IRGC का कहना है कि इन हैंगरों में अमेरिकी F-15 और F-16 फाइटर जेट्स रखे गए थे। यह जानकारी IRGC के जनसंपर्क कार्यालय द्वारा IRNA News Agency के माध्यम से दी गई है।
ऑपरेशन नस्र 2 के तहत हमलों का दावा
ईरान का यह समूह 12 जुलाई 2026 से Operation Nasr 2 के तहत लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले करने की बात कह रहा है। 18 जुलाई 2026 को IRGC ने अपनी 20वीं लहर के हमलों में दो अमेरिकी फाइटर जेट्स और तीन अन्य विमानों को नष्ट करने का दावा किया। इन हमलों का निशाना Al-Azraq Air Base (जिसे Muwaffaq Salti Air Base भी कहा जाता है) और Prince Hassan Air Base बताए जा रहे हैं। इन हमलों में F-35 हैंगर और MQ-9 ड्रोन को नुकसान पहुंचाने की भी बात कही गई है।
Jordan और अमेरिका का आधिकारिक रुख
ईरान के इन दावों के विपरीत, अमेरिका या जॉर्डन के अधिकारियों ने किसी भी हमले या नुकसान की पुष्टि नहीं की है। Jordan की सेना का कहना है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने आने वाले प्रोजेक्टाइल्स को हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया था। जॉर्डन सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनके क्षेत्र में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और उनकी जमीन का उपयोग किसी युद्ध के मैदान के रूप में नहीं किया जाएगा। हालांकि, गिरने वाले मलबे से कुछ लोगों को हल्की चोटें आने की खबरें जरूर सामने आई हैं।
