IRGC Commander ने किया बड़ा ऐलान, ईरान डिफेंस और ऑफेंस रणनीति के साथ बढ़ा रहा है अपनी ताकत.

क्षेत्रीय तनाव के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नए कमांडर मेजर जनरल अहमद वाहिदी ने 21 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी 'डिफेंसिव और ऑफेंसिव एम्पावरमेंट की रणनीति' को तेजी से आगे बढ़ाना होगा। वाहिदी ने इस कदम को दुश्मनों की साजिशों और सैन्य आक्रामकता का जवाब देने का एकमात्र सही तरीका बताया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि देश के रक्षा उद्योगों ने एक मजबूत डिफेंस सिस्टम तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्लोबल ऑर्डर में ईरान को एक बेहद ताकतवर और प्रभावशाली देश बनाना है।
नेतृत्व में बदलाव और सैन्य अधिकारियों की चेतावनी
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला Mojtaba Khamenei द्वारा 20 अगस्त 2026 को मेजर जनरल अहमद वाहिदी को IRGC का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति को अमेरिका के खिलाफ एक कड़े और आक्रामक रुख के रूप में देखा जा रहा है। इस रणनीति का समर्थन करते हुए ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने भी चेतावनी दी है कि यदि दुश्मनों ने कोई भी गलत कदम उठाया, तो ईरान की तरफ से बेहद खतरनाक और कुचलने वाला जवाब दिया जाएगा। उन्होंने रक्षा उद्योग को देश की सुरक्षा का मुख्य आधार बताया है।
मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय शक्ति पर दावे
तेहरान के अंतरिम शुक्रवार के नमाज के नेता मोहम्मद हसन अबौतुराबी-फर्द ने दावा किया है कि हाल ही में ईरानी बलों द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने दो परमाणु शक्तियों की ताकत को कमजोर कर दिया है। इन घटनाओं के बाद सत्ता का संतुलन 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' की तरफ झुक गया है। हालांकि एक तरफ जहां सैन्य अधिकारी आक्रामक तेवर दिखा रहे हैं, वहीं देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का कहना है कि युद्ध को ऐसे समय पर समाप्त करना बेहतर होगा जब देश के पास पूरी ताकत और सम्मान हो। इसके साथ ही संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ लंबी अवधि की आर्थिक स्थिरता पर जोर दे रहे हैं।
इन तमाम गतिविधियों के बीच यह भी खबरें सामने आई हैं कि ईरान ने बुल्गारिया जैसे देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सैन्य अभियानों को किसी भी तरह का समर्थन न दें। इस चेतावनी से यह साफ संकेत मिलता है कि ईरान अपने जवाबी एक्शन के दायरे को और भी ज्यादा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा के मोर्चे पर चल रहे इन घटनाक्रमों से पूरी दुनिया की नजरें इस इलाके पर टिकी हुई हैं।