सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर 3 मार्च को एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ था। अब इस मामले में ईरान की सैन्य इकाई IRGC ने अपनी आधिकारिक सफाई पेश की है। ईरान ने साफ़ तौर पर इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से मना कर दिया है। हालिया रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि दूतावास को जितना नुकसान पहले बताया गया था, हकीकत में नुकसान उससे कहीं ज़्यादा हुआ है।
ईरान की IRGC ने हमले पर क्या कहा है?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान जारी कर इस हमले को ईरान की सेना से जोड़ने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। IRGC का कहना है कि 3 मार्च को रियाद में दूतावास पर हुए ड्रोन हमले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इस घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि इसके पीछे ‘ज़ायोनी’ यानी इज़राइल की क्षेत्रीय रणनीति हो सकती है। ईरान ने मुस्लिम देशों को सतर्क रहने को कहा है और दावा किया है कि यह क्षेत्र में अशांति फैलाने की एक साजिश है।
अमेरिकी दूतावास में हुए नुकसान की क्या है हकीकत?
अमेरिकी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूतावास पर हुआ यह हमला काफी खतरनाक था। शुरुआत में सऊदी अरब की तरफ से मामूली नुकसान की बात कही गई थी, लेकिन अब नई जानकारी सामने आई है। यहाँ देखें हमले से जुड़ी कुछ मुख्य बातें:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नुकसान का स्तर | दूतावास की 3 मंजिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं |
| CIA स्टेशन | हमले में खुफिया एजेंसी CIA के स्टेशन को भी भारी नुकसान पहुँचा है |
| आग की अवधि | हमले के बाद लगी आग करीब आधे दिन तक जलती रही |
| हताहतों का खतरा | अधिकारियों के अनुसार वर्किंग टाइम होता तो कई लोग मारे जा सकते थे |
| ईरानी ड्रोन | रिपोर्ट्स में दावा है कि हमले में दो ईरानी ड्रोन का इस्तेमाल हुआ |
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दूतावास के कुछ हिस्से अब ठीक होने की स्थिति में नहीं हैं। यह घटना उस समय हुई है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रवासी भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षा के लिहाज़ से ये घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं क्योंकि रियाद एक प्रमुख शहर है जहाँ बड़ी संख्या में विदेशी कर्मचारी रहते हैं।
