ईरान के Islamic Revolution Guard Corps (IRGC) ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में 3 टैंकरों को रोक दिया है। 29 जुलाई 2026 को ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने बताया कि इन जहाजों ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और एक खतरनाक रास्ते से आगे बढ़ रहे थे, जिसके बाद कार्रवाई की गई। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा हालात नाजुक बने हुए हैं।
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तनाव के पीछे की बड़ी वजह
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी एक मुख्य कारण है। 28 जुलाई को U.S. Central Command (CENTCOM) ने बताया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की कोशिश की थी, जिन्हें हवा में ही नाकाम कर दिया गया। इसके जवाब में अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित ठिकानों पर स्ट्राइक की। पिछले 72 घंटों के दौरान ईरान की तरफ से 30 से ज्यादा ड्रोन हमले होने की भी जानकारी मिली है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर सुरक्षा को लेकर खतरा
ईरान के सैन्य कमांड ने साफ चेतावनी दी है कि उनके जलक्षेत्र में अमेरिकी सेना की किसी भी दखल को युद्ध को बढ़ाने के रूप में देखा जाएगा। इसके अलावा लाल सागर में भी ईरान समर्थित Houthi विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक टैंकर NCC Ghazal पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इन घटनाओं के कारण समुद्री व्यापार और सुरक्षा के नियम प्रभावित हो रहे हैं, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए चिंता बढ़ गई है।
