ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार, 24 मार्च 2026 को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के 78वें चरण की शुरुआत कर दी है। ईरान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपने दुश्मनों के साथ अब मिसाइलों और ड्रोन हमलों के जरिए ही बातचीत करेगा। इस ताजा हमले में इजरायल के तेल अवीव और डिमोना जैसे संवेदनशील शहरों को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी जोरदार प्रहार किया गया है।

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इन इलाकों और शहरों में हुए हमले

ईरान ने इस ऑपरेशन के लिए अपने सबसे आधुनिक हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल किया है। IRGC ने बताया कि इस चरण में भारी मिसाइलों और ड्रोन की मदद से सटीक हमले किए गए हैं।

  • इजरायल: तेल अवीव, डिमोना और ईलात जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया।
  • हथियार: हमले में Emad और Qadr जैसी मल्टी-वारहेड मिसाइल प्रणालियों का उपयोग हुआ।
  • अमेरिकी ठिकाने: क्षेत्र के विभिन्न देशों में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर भी ड्रोन हमले हुए।
  • casualties: ईरान का दावा है कि डिमोना में हुए पिछले हमलों में भारी जानी नुकसान हुआ है।

खाड़ी देशों और सुरक्षा पर क्या होगा असर?

इस बढ़ते युद्ध का असर सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों पर भी पड़ रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट या समुद्री तटों पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी के रास्तों को बंद करने के लिए समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा देगा। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि हवाई और समुद्री यातायात पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है। सऊदी अरब और बहरीन ने भी हाल ही में अपनी सीमा के पास ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की पुष्टि की है।

युद्ध से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े

तारीख प्रमुख घटना
24 मार्च 2026 ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का 78वां हमला
23 मार्च 2026 ईरान के सुरक्षा मुख्यालय पर इजरायली हमला
22 मार्च 2026 सऊदी और बहरीन ने ईरानी ड्रोन को मार गिराया
28 फरवरी 2026 ईरान और इजरायल के बीच युद्ध की औपचारिक शुरुआत