IRGC ने शनिवार 20 मार्च 2026 को एक बयान जारी कर ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के 70वें चरण की शुरुआत की जानकारी दी है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र और इराक में मौजूद 5 प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इन ठिकानों पर तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और आग की लपटों के साथ धुएं का गुबार देखा गया। यह हमला ईरान की क्रमिक युद्ध रणनीति का हिस्सा बताया गया है जो पिछले कुछ हफ्तों से जारी तनाव का परिणाम है।

किन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना

ईरानी सेना ने इस हमले में सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को अपना प्राथमिक लक्ष्य बनाया। इसके अलावा इजराइल के भी कई प्रमुख शहरों पर मिसाइलें दागी गईं। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनकी सूची नीचे दी गई है:

  • Saudi Arabia: अल-खर्ज (al-Kharj) सैन्य ठिकाना
  • UAE: अल-धफरा (al-Dhafra) एयर बेस
  • Kuwait: अली अल-सालेम (Ali al-Salem) एयर बेस
  • Bahrain: अमेरिकी पांचवें बेड़े का मुख्यालय (US Fifth Fleet HQ)
  • Iraqi Kurdistan: एरबिल (Erbil) स्थित सैन्य ठिकाना

हमले में इस्तेमाल हथियार और IRGC की रणनीति

इस सैन्य कार्रवाई में IRGC ने कियाम (Qiam), इमाद (Emad) और खुर्रमशहर-4 जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों का प्रयोग किया है। इनके साथ ही बड़ी संख्या में अटैक ड्रोन्स भी इन ठिकानों की तरफ भेजे गए। इजराइल के तेल अवीव, हाइफा, हदेरा और किरयात ओनो जैसे इलाकों में भी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। IRGC ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी आक्रामकता के स्रोत को सीधा निशाना बनाएंगे और भविष्य में हमले और भी भीषण हो सकते हैं। यह पूरा ऑपरेशन फरवरी 2026 के अंत में हुए हमलों के जवाब में चलाया जा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.