Islamabad में हाई अलर्ट, अमेरिका के सैन्य विमान पहुंचे, ईरान और अमेरिका के बीच होने जा रही है अहम बातचीत
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। अमेरिका के C-17 सैन्य विमान जरूरी सामान लेकर नूर खान एयरबेस पर उतर चुके हैं। इस हलचल की वजह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत है, जिसमें पाकिस्तान बीच-बचाव का काम कर रहा है। शहर में कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
सुरक्षा के लिए इस्लामाबाद के रेड जोन और एक्सटेंडेड रेड जोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है। रावलपिंडी में 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि इस्लामाबाद में 5,000 से अधिक सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां मुस्तैद हैं। सड़कों को रोकने के लिए शिपिंग कंटेनरों का इस्तेमाल किया गया है। रणनीतिक इमारतों पर स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं और पेट्रोलिंग के लिए Elite Commandos और Dolphin Force को लगाया गया है। Interior Minister मोहसिन नकवी ने अमेरिकी राजदूत नताली बेकर को पुख्ता सुरक्षा का भरोसा दिया है और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कैसे होगी?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर को बातचीत के लिए पाकिस्तान भेजा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। हालांकि, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच कोई सीधी मुलाकात नहीं होगी। पाकिस्तानी अधिकारी दोनों तरफ के संदेश पहुंचाकर इस बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया 25 अप्रैल 2026 को आयोजित की जा रही है। यह चर्चा अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद हो रही है।
आम जनता और ट्रैफिक पर क्या असर पड़ा है?
सुरक्षा कारणों से इस्लामाबाद में भारी ट्रैफिक जाम देखा गया है। सार्वजनिक परिवहन और भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। सरकारी दफ्तरों के लिए ‘Work from Home’ का आदेश जारी हुआ है और दो दिन की स्थानीय छुट्टियां घोषित की गई हैं। रेड जोन के भीतर एक होटल को पूरी तरह खाली कराकर विदेशी मेहमानों के लिए रिजर्व रखा गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि उपराष्ट्रपति JD Vance और विदेश मंत्री Marco Rubio भी जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान आने के लिए तैयार हैं।