Islamabad में हाई अलर्ट, अमेरिका के सैन्य विमान उतरे, ईरान और अमेरिका के बीच होने जा रही है बड़ी बातचीत

इस्लामाबाद में इस समय काफी हलचल है और हाई अलर्ट जारी किया गया है। अमेरिका के C-17 सैन्य विमान जरूरी सामान और कर्मियों को लेकर नूर खान एयरबेस पहुंच चुके हैं। यह सारी तैयारी अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली एक बड़ी मुलाकात के लिए की गई है। शहर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कई मुख्य रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

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इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?

प्रशासन ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी है। रेड ज़ोन और एक्सटेंडेड रेड ज़ोन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और यहाँ ट्रैफिक की अनुमति नहीं है। पब्लिक और सामान ले जाने वाली गाड़ियों की सर्विस भी तुरंत रोक दी गई है। पाकिस्तानी सेना को तैनात किया गया है और बातचीत के लिए चुने गए होटल के रास्तों पर कंटेनर लगा दिए गए हैं। साथ ही शहर के कई होटल और गेस्ट हाउस बंद करने का आदेश दिया गया है।

अमेरिका और ईरान की बातचीत में कौन-कौन शामिल होगा?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। वहीं अमेरिका की तरफ से स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शनिवार 25 अप्रैल को पाकिस्तान पहुंचेंगे। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि ईरान ने खुद इन मुलाकातों की मांग की थी। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच कोई बड़ा समझौता हो सके।

इस बातचीत का मुख्य मकसद क्या है और क्या खतरा है?

यह शांति वार्ता का दूसरा दौर है क्योंकि 11-12 अप्रैल को हुई पहली मुलाकात में कोई औपचारिक समझौता नहीं हो पाया था। पाकिस्तान के अनुरोध पर 21 अप्रैल को दोनों देशों के बीच युद्धविराम की समय सीमा बढ़ा दी गई थी। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि अगर इस बार समझौता नहीं हुआ तो नौसैनिक नाकाबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो सकती है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या इस दौर की बातचीत से कोई हल निकलेगा।