Islamabad High Alert: अमेरिका के सैन्य विमान पहुंचे पाकिस्तान, US-Iran शांति वार्ता की तैयारी, शहर में ट्रांसपोर्ट बंद

इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अमेरिका के C-17 सैन्य विमान जरूरी सामान लेकर नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं। यह तैयारी अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता के लिए की गई है। शहर की सड़कों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और ट्रांसपोर्ट सेवाओं को रोक दिया गया है।

अमेरिका के विमानों का आगमन और सुरक्षा इंतजाम क्या हैं?

19 और 20 अप्रैल को अमेरिका के कम से कम छह C-17 Globemaster III विमान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर लैंड हुए। इन विमानों में सुरक्षित संचार उपकरण और बख्तरबंद गाड़ियां लाई गई हैं। सुरक्षा के लिए रावलपिंडी में 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, कमांडो और स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं। इस्लामाबाद पुलिस ने रेड जोन और उसके आसपास के इलाकों को पूरी तरह बंद कर दिया है और नागरिकों को दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

इस बड़ी हलचल का मुख्य कारण क्या है?

यह सारी तैयारी अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए की गई है। इस बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पहली बैठक 11-12 अप्रैल को हुई थी और अब दूसरे दौर की तैयारी है। इस दौरे में अमेरिका के उपराष्ट्रपति James David Vance, विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner के आने की उम्मीद है, वहीं ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल आ सकता है।

आम जनता और शहर की व्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

  • इस्लामाबाद और रावलपिंडी में पब्लिक और गुड्स ट्रांसपोर्ट को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
  • मेट्रो बस सेवा को आंशिक रूप से रोक दिया गया है और भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है।
  • रेड जोन के मशहूर होटल Serena और Marriott को खाली कराया गया है और वहां नए मेहमानों को एंट्री नहीं दी जा रही है।
  • सरकारी कामकाज प्रभावित न हो, इसलिए फेडरल ऑफिस के कर्मचारियों को घर से काम (Work from Home) करने का आदेश दिया गया है।