Islamabad High Alert: अमेरिका के सैन्य विमान उतरे, पूरे शहर में सुरक्षा कड़ी, लेकिन ईरान के इनकार से रद्द हुआ दौरा
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भारी सुरक्षा इंतज़ाम किए गए क्योंकि अमेरिका के C-17 मिलिट्री विमान वहां उतरे. सड़कों को बंद कर दिया गया और हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया ताकि हाई-लेवल मीटिंग की तैयारी हो सके. हालांकि, अब इस पूरे दौरे और बातचीत पर एक बड़ा मोड़ आया है.
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में क्या सुरक्षा इंतज़ाम हुए?
19 अप्रैल 2026 को तीन C-17 Globemaster III विमान नूर खान एयरबेस पर उतरे, जिनमें सुरक्षा और संचार उपकरण थे. इसके बाद पूरे शहर में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया गया. रावलपिंडी में 10,000 पुलिसकर्मी और 600 चेकपॉइंट्स बनाए गए. रेड ज़ोन और एयरपोर्ट के आस-पास के रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी रोक दिया गया. कई होटलों के मेहमानों को चेक आउट करने की सलाह दी गई और ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई.
क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति का दौरा हुआ और ईरान का क्या स्टैंड रहा?
शुरुआत में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के आने की उम्मीद थी, लेकिन 22 अप्रैल को यह दौरा रद्द कर दिया गया. इसका मुख्य कारण यह था कि ईरान ने बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने से साफ मना कर दिया. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका अपनी दबाव वाली नीतियां बंद करे, तभी वे किसी भी बात पर चर्चा करेंगे. ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ तो की लेकिन बातचीत के लिए आने से इनकार कर दिया.
सीज़फायर और अमेरिका का अगला कदम क्या होगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीज़फायर (युद्धविराम) की समय सीमा को बढ़ा दिया है. उन्होंने ऐलान किया कि जब तक ईरान अपना प्रस्ताव नहीं भेजता और चर्चा खत्म नहीं होती, सीज़फायर जारी रहेगा. इसके साथ ही, ट्रंप ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रहने और ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखने का आदेश दिया है. खबर यह भी आई है कि अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में ईरान के एक तेल टैंकर ‘टिफ़नी’ को जब्त कर लिया है.