अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति बातचीत के चलते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भारी सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। 20 अप्रैल को शहर के रेड ज़ोन और कई इलाकों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस वजह से आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लॉकडाउन से आम जनता पर क्या असर पड़ा?

इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सार्वजनिक और भारी वाहनों का चलना बंद कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने रेड ज़ोन में प्रवेश पर रोक लगा दी है। सरकारी दफ्तरों और स्कूलों को घर से काम (work-from-home) करने की सलाह दी गई है। साथ ही, फेडरल कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट का न्यायिक काम भी इस दौरान रोक दिया गया है।

विदेशी दूतावास और सुरक्षा की क्या स्थिति है?

सुरक्षा कारणों से जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के दूतावासों ने भी अपना कामकाज बंद कर दिया है। अमेरिका की एडवांस सुरक्षा टीमें नूर खान एयरबेस पहुंच चुकी हैं और उन्हें हाई सिक्योरिटी ज़ोन में ले जाया गया है। वीवीआईपी मेहमानों के लिए लग्जरी होटलों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

तारीख मुख्य अपडेट
7 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा हुई
10 अप्रैल 2026 पहली सीधी बातचीत शुरू होने का समय तय हुआ
19 अप्रैल 2026 रेड ज़ोन बंद करने और वर्क-फ्रॉम-होम का नोटिस जारी हुआ
20 अप्रैल 2026 पूरा रेड ज़ोन बंद, ट्रांसपोर्ट और कोर्ट का काम रुका