इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक ऐतिहासिक वार्ता की तैयारी पूरी हो चुकी है। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इसे शांति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल गुरुवार देर रात तक इस्लामाबाद पहुंच जाएगा, जबकि अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance करेंगे। इस बड़ी बैठक को ध्यान में रखते हुए राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और दो दिनों का अवकाश घोषित किया गया है।

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बातचीत का शेड्यूल और जरूरी जानकारी

इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए पाकिस्तान ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। रेड ज़ोन तक पहुंच को सीमित कर दिया गया है और शहर के मुख्य होटलों को खाली करा लिया गया है। अमेरिकी सुरक्षा दल की एक एडवांस टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है ताकि प्रबंधों का जायजा लिया जा सके।

  • युद्धविराम: 7 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की गई थी।
  • प्रतिनिधिमंडल का आगमन: ईरानी टीम 9 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद पहुंचेगी।
  • मुख्य बैठक: औपचारिक बातचीत शनिवार 11 अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।
  • स्थानीय छुट्टी: सुरक्षा कारणों से इस्लामाबाद में 9 और 10 अप्रैल को सरकारी छुट्टी रहेगी।

ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य शर्तें

ईरान ने इस बातचीत के लिए एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, जिसे अमेरिका ने चर्चा के लिए एक आधार माना है। वहीं अमेरिका ने भी अपना 15-सूत्रीय प्रस्ताव तैयार रखा है। दोनों पक्ष इन प्रस्तावों पर तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे, हालांकि लेबनान में जारी संघर्ष को लेकर अब भी कुछ संदेह बना हुआ है।

पक्ष नेतृत्व मुख्य प्रस्ताव
संयुक्त राज्य अमेरिका JD Vance (उपराष्ट्रपति) 15-सूत्रीय प्रस्ताव
ईरान Abbas Araghchi (विदेश मंत्री) 10-सूत्रीय प्रस्ताव
पाकिस्तान Shehbaz Sharif (प्रधानमंत्री) मध्यस्थता और सुरक्षा प्रबंध
मुख्य मुद्दे परमाणु संवर्धन और प्रतिबंध होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग