इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच अमेरिका की मदद से जो युद्धविराम हुआ था, वह अब खतरे में है। इसराइल के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि हिज़्बुल्लाह ने समझौते की शर्तों को तोड़ दिया है। इस खबर के बाद से पूरे इलाके में तनाव फिर से बढ़ गया है और दोनों तरफ से हमले शुरू हो गए हैं।
क्या था समझौता और कब टूटा
अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से एक समझौता हुआ था, जिसे शुक्रवार 19 जून 2026 को शाम 4 बजे से लागू होना था। यह डील अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक बड़े समझौते का हिस्सा थी, ताकि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई रुक सके। लेकिन शनिवार 20 जून को इसराइल के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कहा कि हिज़्बुल्लाह ने इस ceasefire का उल्लंघन किया है।
दोनों तरफ के गंभीर आरोप
इसराइल की सेना ने कहा कि हिज़्बुल्लाह लगातार समझौते को तोड़ रहा है और इसका करारा जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने चेतावनी दी थी कि चार इसराइली सैनिकों की मौत का हिज़्बुल्लाह को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं, इसराइल के अमेरिकी राजदूत Yechiel Leiter ने कहा कि इसराइल ने शुक्रवार सुबह 11:30 बजे ही सभी हमले रोक दिए थे और हिज़्बुल्लाह के दावे झूठ हैं।
दूसरी ओर, हिज़्बुल्लाह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इसराइली सैनिक धोखे से ‘अली अल-ताहेर’ पहाड़ी की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें उनके लड़ाकों ने घेर लिया। हिज़्बुल्लाह के मुताबिक, इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में भारी हवाई हमले किए हैं, जिसमें 48 लोग मारे गए और 97 घायल हुए हैं।
दुनिया भर की प्रतिक्रिया और बड़ा असर
- अमेरिका: राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल से युद्धविराम के लिए कहा था, जबकि विदेश मंत्री Marco Rubio ने मांग की कि हिज़्बुल्लाह को अपने हथियार छोड़ने चाहिए।
- फ्रांस: फ्रांस के विदेश मंत्री ने अमेरिका से इसराइल पर दबाव डालने को कहा ताकि लड़ाई पूरी तरह रुक सके।
- ईरान: ईरान ने चेतावनी दी कि अगर समझौता टूटा तो वह निर्णायक जवाब देगा। इसी बीच ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया है।
ताज़ा जानकारी के मुताबिक, इसराइली सेना ने हिज़्बुल्लाह के करीब 80 ठिकानों पर हमला किया है और कई लड़ाकों को मार गिराया है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में रविवार 21 जून को बातचीत होनी है। हालांकि, ईरान ने साफ कह दिया है कि वह तभी चर्चा करेगा जब युद्धविराम पूरी तरह लागू होगा।