मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच इज़राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मार्च 2026 में हुई हालिया मिसाइल बारिश के बाद इज़राइल का कहना है कि ईरान ने क्लस्टर मिसाइलों का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। इन हमलों में तेल अवीव और आस-पास के इलाकों में छोटे बम बिखरे पाए गए जिससे नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार ईरान द्वारा दागी गई लगभग 70 प्रतिशत मिसाइलों में क्लस्टर वारहेड मौजूद थे।

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ईरान द्वारा क्लस्टर हथियारों के इस्तेमाल पर क्या जानकारी मिली?

मार्च 2026 के दौरान ईरान ने इज़राइल पर भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। रिसर्च के अनुसार रिशोन लेज़ियन में एक खाली किंडरगार्टन पर भी क्लस्टर बम गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। रक्षा मंत्री Israel Katz ने इन हथियारों के इस्तेमाल को स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध करार दिया है। इन मिसाइलों के फटने से रिहायशी इलाकों में छोटे बमलेट्स फैल गए जिससे आम लोगों के घायल होने का खतरा काफी बढ़ गया है। 22 मार्च को हुए हमलों में तेल अवीव क्षेत्र में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और 15 लोग घायल हुए थे।

लेबनान और गाज़ा में प्रतिबंधित हथियारों के उपयोग का क्या रिकॉर्ड है?

  • लेबनान 2006 और 2025: मानवाधिकार संगठनों के अनुसार इज़राइल ने 2006 के युद्ध में दक्षिण लेबनान में लगभग 40 लाख क्लस्टर बम गिराए थे। 2025 में भी लेबनान में इन हथियारों के दोबारा इस्तेमाल की रिपोर्ट सामने आई हैं।
  • सफेद फास्फोरस: गाज़ा और लेबनान के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सफेद फास्फोरस के इस्तेमाल की रिपोर्ट Human Rights Watch ने जारी की है।
  • नागरिक सुविधाएं: 2023 से 2026 के बीच दोनों पक्षों की ओर से स्कूलों, अस्पतालों और पानी के प्लांट पर हमले की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
  • संधि के नियम: इज़राइल, ईरान और अमेरिका उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने क्लस्टर मुनिशन्स पर प्रतिबंध लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि पर साइन नहीं किए हैं।

युद्ध अपराधों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन

अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत पीने के पानी की सप्लाई और स्कूलों पर हमला करना प्रतिबंधित है। जून 2025 और मार्च 2026 में ईरान के वाटर प्लांट और इज़राइल के अस्पतालों पर हमले की खबरें आई थीं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी नागरिकों पर होने वाले इन हमलों की निंदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि क्लस्टर बम युद्ध खत्म होने के सालों बाद भी आम जनता के लिए जानलेवा बने रहते हैं क्योंकि कई छोटे बम फटने से रह जाते हैं और जमीन में दबे रहते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.